उज्जैन: महाकाल मंदिर की सुरक्षा जिम्मा संभाल रही क्रिस्टल कंपनी का ठेका समाप्त हो गया है. नई कंपनी 1 जनवरी 2026 से जवाबदारी लेकर काम शुरू करने वाली थी, जिसमें बड़ा बदलाव किया गया है. अब पुरानी कंपनी 5 जनवरी तक मंदिर में सेवाएं देगी उसके बाद नई कंपनी को मौका मिलेगा.महाकालेश्वर मंदिर में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. प्रतिदिन 2 से 3 लाख श्रद्धालु महाकाल दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. पुराना साल समाप्त होने और नए साल के आगमन को देखते हुए 1 जनवरी तक करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने का अनुमान है.
व्यवस्था बाधित न हो
इसी बीच महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में होने वाला बदलाव फिलहाल टाल दिया गया है. पहले यह व्यवस्था 1 जनवरी 2026 से बदलनी थी, लेकिन व्यवस्थाएं बाधित न हों और पुराने व नए सुरक्षा कर्मियों को लेकर कोई परेशानी न हो, इसे ध्यान में रखते हुए अब नई सुरक्षा एजेंसी 5 जनवरी 2026 से कार्यभार संभालेगी.
क्रिस्टल की जगह आई कोर
महाकाल मंदिर की सुरक्षा अब दिल्ली की कोर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड संभालेगी. वर्तमान में सुरक्षा में लगी क्रिस्टल कंपनी का ठेका समाप्त हो चुका है, लेकिन अंतरिम व्यवस्था के तहत उसके करीब 500 सुरक्षा कर्मी तैनात रहेंगे. वहीं कोर कंपनी के लगभग 450 कर्मचारी उज्जैन पहुंच चुके हैं, जिन्हें ट्रायल के तौर पर ड्यूटी पर लगाया गया है. ये कर्मचारी पुराने सुरक्षा कर्मियों के साथ मिलकर मंदिर की व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की दर्शन प्रक्रिया को समझ रहे हैं.
अभी 700 अब होंगे 1000
5 जनवरी से कोर कंपनी अपने कुल 1000 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती करेगी, जिनमें कुछ सशस्त्र गार्ड भी शामिल होंगे। अभी मंदिर में करीब 700 गार्ड तैनात हैं। नई व्यवस्था के तहत डोर मेटल डिटेक्टर, हैंड मेटल डिटेक्टर, वॉकी-टॉकी और प्रशिक्षित सुपरवाइजर तैनात किए जाएंगे। इस सुरक्षा व्यवस्था पर मंदिर समिति सालाना करीब 20 करोड़ रुपये खर्च करेगी. प्रशासन के अनुसार नए साल के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारू दर्शन व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है और किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं होने दी जाएगी.
