भिंड:शहर में भीमराव अंबेडकर और मनुस्मृति को लेकर चल रहा विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। सवर्ण समाज से जुड़े संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में कोतवाली थाना पहुंचे और मनुस्मृति के साथ गिरफ्तारी दी। शिवपुरी के खनियाधाना में भीम आर्मी द्वारा कथित रूप से मनुस्मृति जलाए जाने की घटना सामने आई थी। इस घटना से भिंड शहर में सवर्ण समाज के संगठनों में नाराजगी फैल गई थी।
इसके विरोध में परशुराम सेना ने भीमराव अंबेडकर की आत्मकथा जलाने का ऐलान किया था। इसके बाद पुलिस ने परशुराम सेना और अन्य सवर्ण संगठनों के पदाधिकारियों पर नजर रखना शुरू कर दी थी। इन संगठनों ने अंबेडकर के पोस्टर जलाने की कोशिश की थी। बीते रोज प्रदर्शन के दौरान परशुराम सेना के जिला उपाध्यक्ष विनीत शर्मा उर्फ बंटी पुरोहित ने परेड चौराहे पर भीमराव अंबेडकर का पोस्टर जलाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद जब अन्य पदाधिकारी परेड चौराहे पर विरोध प्रदर्शन के लिए पहुंचे तो पुलिस ने अंबेडकर की आत्मकथा जलाने के प्रयास को भी रोक दिया।
इसके बाद भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने थाने का घेराव किया और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने इस मामले में विनीत शर्मा उर्फ बंटी पुरोहित के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।इस मामले के तीसरे दिन परशुराम सेना, श्रीराम सेना और सवर्ण आर्मी के पदाधिकारी हाथों में मनुस्मृति लेकर कोतवाली थाना पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी की और मनुस्मृति के साथ गिरफ्तारी दी। विनीत शर्मा उर्फ बंटी पुरोहित ने खुद गिरफ्तारी दी, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पुलिस ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया।
