कोंडागांव/फरसगांव, 02 जुलाई (वार्ता) छत्तीसगढ़ की फरसगांव पुलिस ने 11 राज्यों में सक्रिय अंतरराज्यीय साइबर ठगों के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 1.70 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
यह गिरोह देशभर में 11 राज्यों में सक्रिय था और 17 अलग-अलग मामलों में फरार चल रहा था।
पुलिस मुख्यालय से मिले निर्देशों के बाद फरसगांव एसडीओपी अभिनव उपाध्याय के नेतृत्व में टीम गठित कर टेक्निकल ट्रेसिंग और खुफिया जानकारी के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की गई।
गिरोह के तार छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं। पुलिस ने बिलासपुर और प्रयागराज में दबिश देकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जबकि मुख्य आरोपी भावेश तारम को फरसगांव से पकड़ा गया।
इस गिरोह की कार्यप्रणाली इस प्रकार थी:
पहला लेयर: ग्रामीण या भोले-भाले लोगों से खाते खुलवाकर उनके एटीम, पासबुक और सिम ले लेते थे। इसके बदले उन्हें मामूली रकम दी जाती थी।
दूसरा लेयर: इन खातों को ज्यादा दाम में साइबर गिरोह को बेच दिया जाता था।
तीसरा लेयर: स्कैमर या इंटरनेशनल ठग इन खातों के जरिए साइबर ठगी को अंजाम देते थे।
गिरोह के सदस्यों पर अपराध क्रमांक 46/2025 – धारा 317(2), 317(4), 317(5), 111, 3(5) बीएनएस अपराध क्रमांक 82/2025, 83/2025, 84/2025 दर्ज कर म्यूल खाताधारकों के विरुद्ध पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह ठगी योजनाबद्ध तरीके से संगठित रूप से की जा रही थी।
एसडीओपी उपाध्याय ने बुधवार को बताया, “गिरोह के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। इनसे जुड़े और कई संदिग्धों की पहचान हो चुकी है, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। डिजिटल ट्रांजैक्शन, बैंकिंग रिकॉर्ड और कॉल डिटेल की बारीकी से जांच जारी है।”
गिरफ्तार आरोपियों में भावेश तारम – ग्राम पथर्री, थाना फरसगांव, जिला कोंडागांव विवेक जायसवाल – प्रयागराज, उत्तर प्रदेश दिलीप साहू – बिलासपुर, छत्तीसगढ़ राकेश कुमार साहू – बिलासपुर, छत्तीसगढ़ विवेक सिंह – प्रयागराज, उत्तर प्रदेश आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस इनसे पूछताछ कर और कड़ियां जोड़ने में लगी है। जल्द ही और खुलासे संभव हैं।
