
भोपाल। ईरानी डेरे से फरार बदमाशों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है. कई ऐसे बदमाश जो देश के अन्य राज्यों में अपराध करने के बाद से फरार चल रहे हैं. उनकी तलाश के लिए पुलिस के जवान पैनी नजर बनाकर कार्रवाई कर रहे हैं. इसके साथ ही शहर में अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस के एक्शन से अपराधियों की नींद उड़ी है. पुलिस ने इलाके में रहने वाले आपराधिक गतिविधियों में लिप्त और मास्टरमाइंड राजू ईरानी की तलाश तेज कर दी है. माना जा रहा है कि राजू ईरानी की गिरफ्तारी के बाद कई बड़े अपराधों के खुलासे हो सकेंगे.
निशातापुरा थाना इलाके के अमन कॉलोनी ईरानी डेरे की जिम्मेदारी सरदार राजू ईरानी और उसके भाई जाकिर ईरानी के पास बताई जाती है. लूट की पूरी रकम राजू ईरानी को दी जाती है. राजू ही यह तय करता है कि किसको कितना वारदात का हिस्सा लौटना है. वारदात के दौरान पुलिस गिरफ्त में आए बदमाशों के परिवार का ख्याल भी राजू ईरानी ही करता था. ईरानी डेरे की महिलाएं अपने मुखिया राजू ईरानी को मसीहा मानती है. ईराने डेरे में सरदार के चयन को लेकर यह बात सामने आई है कि कबीले की पंचायत में इसका फैसला किया जाता है. पंचायत में यह देखा जाता है कि सरदार के लिए तैयार होने वाले व्यक्ति की दावेदारी का आपराधिक रिकॉर्ड कितना पुराना है और वह परिस्थितियों को कैसे बेहतर तरीके से हैंडल कर चुका होता है. सरदार का बनाया हुआ एक नियम यहां यह भी चलता है कि अपराध के दौरान पुलिस की पकड़ में आया आरोपी अपने साथियों का नाम किसी भी शर्त पर नहीं बताएगा.
बता दें कि देशभर में भोपाल के ईरानी डेरे की चर्चा है. यहां बसे 70 परिवारों में अधिकांश सदस्य के खिलाफ आपराधिक रिकार्ड दर्ज है.
