
बुधनी। बुधनी-मांगलिया रेल लाइन और बाड़ी-संदलपुर-बुधनी मार्ग पर बनने वाले 146-बी नेशनल हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर क्षेत्र में विरोध तेज हो गया है. पर्याप्त मुआवजा नहीं मिलने से नाराज आदिवासी समाज तहसील कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठा है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी जमीन का बाजार मूल्य 65 से 75 लाख रुपये प्रति एकड़ है, जबकि सरकार पुराने रेट पर मात्र 8 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दे रही है.
जयस और पीलिकार संगठन के बैनर तले चल रहे धरने में महिला कांग्रेस प्रदेश महासचिव कंचन शर्मा भी शामिल हुईं. उन्होंने कहा कि कड़ाके की ठंड में महिलाएं और बच्चे अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए बैठे हैं, लेकिन प्रशासन की उदासीनता चिंताजनक है.
उल्लेखनीय है कि रेल परियोजना के लिए जिले के 38 गांवों की 522 हेक्टेयर से अधिक भूमि अधिग्रहित की गई है और 218 करोड़ रुपये से ज्यादा मुआवजा बांटा जा चुका है. बावजूद इसके किसान बाजार मूल्य, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन की मांग पर अड़े हैं. प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि भूमि अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन अधिकार अधिनियम 2013 के तहत पूर्ण लाभ मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा.
