
इंदौर. तेजाजी नगर पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए बाग टांडा की कुख्यात हथियारबंद नकबजन गैंग का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने आधी रात को दुर्गम पहाड़ियों में पैदल ट्रैकिंग कर तीन शातिर बदमाशों को दबोचा. आरोपियों के कब्जे से करीब 68.50 लाख रुपए के सोने चांदी के जेवरात के साथ एक देसी कट्टा और 8 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं.
पुलिस उपायुक्त जोन -1 नगरीय इंदौर
पुलिस उपायुक्त जोन 1 कृष्ण लालचंदानी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पिछले तीन महीनों से तेजाजी नगर सहित शहर के अलग अलग इलाकों में लगातार नकबजनी की वारदातें हो रही थीं. इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त के निर्देश पर जोन 1 की टीम ने तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किए, इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि वारदात करने वाला गिरोह अलीराजपुर और धार जिले की पहाड़ियों में छिपा हुआ है. लोकेशन पुख्ता होते ही पुलिस टीम ने आधी रात को पहाड़ी रास्तों पर कई किलोमीटर पैदल चलकर बदमाशों को उनके ठिकानों से धर दबोचा. पूछताछ में सामने आया कि गिरोह दिन में सूने मकानों की रेकी करता था और रात में औजारों से ताले तोड़कर चोरी को अंजाम देता था. गिरफ्तारी से बचने के लिए बदमाश हथियार साथ रखते थे. पकड़े गए आरोपियों में आकेश उर्फ आकाश, शेरू वसुनिया और पंकेश मंडलोई शामिल हैं. आकेश पर लूट, डकैती और हत्या के प्रयास जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं. पुलिस ने आरोपियों से 450 ग्राम सोने और ढाई किलो चांदी के जेवरात जब्त किए हैं. फिलहाल पुलिस गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों की भी पड़ताल कर रही है.
