पूर्व सरपंच पर प्राथमिकी दर्ज होने से आक्रोश

सीहोर।सतत अव्यवस्थाओं और विवादों से घिरे रहने वाले जिला अस्पताल में फिर एक नए विवाद ने जन्म लिया है. गर्भवती महिला का उपचार नहीं किए जाने की सूचना मिलने के बाद अस्पताल पहुंचे ग्राम बिजौरी के पूर्व सरपंच और लेडी डॉक्टर के बीच मामूली विवाद के बाद लेडी डॉक्टर द्वारा पूर्व सरपंच के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराए जाने से राठौर क्षत्रिय समाज में आक्रोश निर्मित हो गया. मंगलवार को समाज के लोगों ने बैठक में निर्णय लिया कि झूठी एफआईआर के विरोध में सर्व समाज द्वारा बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री को ज्ञापित एक ज्ञापन सौंपा जाएगा.
गौरतलब है कि रविवार को ग्राम पतलोना निवासी गर्भवती महिला अनिता पत्नी गोपाल अहिरवार को परिजन जिला अस्पताल लाए थे. काफी देर तक जब गर्भवती महिला को इलाज नहीं मिला तो परिजनों ने इसकी जानकारी बिजौरी के पूर्व सरपंच दीपेश राठौर को दी. दीपेश राठौर का कहना है कि जब वह अस्पताल पहुंचे तो देखा कि महिला इलाज के अभाव में तड़प रही थी. उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद लेडी डॉक्टर प्रियंका राजौरिया से मरीज का तत्काल इलाज करने का आग्रह किया, जिसे लेकर दोनों के बीच नोकझोंक हो गई. पूर्व सरपंच का कहना है कि लेडी डॉक्टर द्वारा महिला के परिजनों से अवैध रूप से तीन हजार रुपए की मांग की गई थी. रुपए नहीं देने पर उनके द्वारा पेशेंट को भोपाल ले जाने को कहा गया था. मजबूर होकर परिजन महिला को भोपाल ले गए जहां उसने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया, लेकिन यह मामला उस वक्त गर्मा गया जब लेडी डॉक्टर ने अगले दिन अन्य डॉक्टरों के साथ थाना कोतवाली पहुंचकर पूर्व सरपंच दीपेश राठौर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी. लेडी डॉक्टर के इस कदम से राठौर क्षत्रिय समाज में आक्रोश का माहौल निर्मित हो गया.
मंगलवार को राठौर धर्मशाला में स्वजातीय लोगों ने जिला अस्पताल में चल रही भर्राशाही और निर्दोष पूर्व सरपंच के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कराने को लेकर एक बैठक आयोजित की. राठौर क्षत्रिय समाज के महामंत्री डॉ पूरन सिंह राठौड़ ने बताया कि पूर्व सरपंच दीपेश राठौर प्रसूता वार्ड में भर्ती अनिता गोपाल अहिरवार ग्राम पतलोना बिजौरी की सहायता के लिए वह अस्पताल पहुंचे थे. जहां उन्होंने देखा कि इलाज नहीं होने के कारण महिला तड़प रही है. ऐसे हालातों में डॉक्टर प्रियंका राजोरिया से मरीज का इलाज तत्काल करने का आग्रह किया था. परिजनों ने बताया कि डॉ. प्रियंका राजोरिया द्वारा अवैध फीस के नाम पर तीन हजार रुपए की मांग की गई थी. नहीं देने पर पेशेंट को भोपाल ले जाने को कहा दिया, जबकि पूर्व सरपंच होने के नाते दीपेश राठौर ने आवाज उठाई गई थी. डॉ. प्रियंका राजोरिया ने पूर्व सरपंच के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई है. महामंत्री डॉ. पूरन ने बताया कि यह सरासर गलत है. डॉक्टर अगर गरीबों का सहयोग करने वालों पर इसी तरह मामला दर्ज कराते रहे तो कोई भी व्यक्ति किसी गरीब, मजबूर मरीज की मदद के लिए आगे नहीं आएगा. राठौर समाज पूर्व सरपंच पर हुई कार्रवाई की निंदा करता है. और एफआईआर को रद्द करने की मांग करता है. बुधवार को सर्व समाज के लोग एसपी से मुलाकात करेंगे. और मुख्यमंत्री को जिला अस्पताल के हालातों से अवगत कराएंगे.
लेडी डॉक्टर के खिलाफ भी शिकायत लेकर पहुंचे परिजन
इस मामले में मंगलवार को महिला अनिता के पति गोपाल एवं अन्य ग्रामीण लेडी डॉक्टर के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराने अजाक थाने पहुंचे थे. उनका कहना है कि पुलिस ने उनका आवेदन लेना तो दूर उनकी बात भी नहीं सुनी. पुलिस अधिकारी का कहना था कि लेडी डॉक्टर के खिलाफ प्रकरण दर्ज नहीं किया जा सकता है. नतीजतन मायूस होकर महिला के परिजन बैरंग लौटने को मजबूर हुए.

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