जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने प्रदेश के बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई जुलाई माह से डे-टु-डे करने की व्यवस्था दी है। जस्टिस अतुल श्रीधरन व जस्टिस डीके पालीवाल की युगलपीठ ने ओपन कोर्ट में कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण मामले में अब तीन जुलाई से हर दिन सुनवाई की जाएगी। युगलपीठ ने नर्सिंग कालेज के चेयरमेन और रजिस्ट्रार के पूर्व आदेश पर हाजिर न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके माफीनामे पर कोई सुनवाई नहीं की।
कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देशित किया कि कोई भी नर्सिंग से संबंधित प्रकरण जो भविष्य में सुनवाई हेतु पेश किए जाते हैं तो उनकी एक कॉपी याचिकाकर्ता को भी उपलब्ध कराई जाएगी। गौरतलब है कि पिछले तीन सालों से हाईकोर्ट में नर्सिंग घोटाले की सुनवाई हो रही है। हाईकोर्ट की मॉनिटरिंग में हुई सीबीआई जांच के बाद अब मध्यप्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों की संख्या 200 के आसपास रह गई है। मामले में इतनी बड़ी संख्या में अपात्र कॉलेजों को मान्यता देने वाले अधिकारियों और अपात्र कॉलेजों के विरुद्ध कार्यवाही होना शेष है।
