जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की सहायक कुलसचिव सुनीता देवड़ी की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने अपने स्थानांतरण को चुनौती दी थी। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने कहा कि नियमानुसार स्थानांतरण आदेश याचिकाकर्ता की सेवानिवृत्ति से एक वर्ष से अधिक से पूर्व जारी किया गया है। मामले में एकलपीठ ने कहा कि प्रशासकीय आवश्यकता के चलते स्थानांतरण किया जा सकता है। याचिकाकर्ता एक वरिष्ठ अधिकारी हैं जिन्होंने लगभग 39 वर्षों की सेवा की है। पंडित एसएन शुक्ला विश्व विद्यालय शहडोल अपेक्षाकृत नया राज्य विश्वविद्यालय है। याचिकाकर्ता का अनुभव उक्त विश्वविद्यालय के लिए उपयोगी होगा जो अपने अस्तित्व के प्रारंभिक चरण में है।
