सीधी। संजय टाईगर रिजर्व के कोर एरिया में कलेक्टर सीधी द्वारा टाईगर रिजर्व के नियमों का उल्लघंन कर भ्रमण करने करने के मामले में जांच पूरी हो चुकी है। जिसमें कलेक्टर सीधी को क्लीन चिट मिल गई है।
दरअसल सीधी जिले में पदस्थ कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी का एक हफ्ते पहले सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमे सीधी कलेक्टर पर आरोप लगाया गया कि वह संजय टाईगर रिजर्व के कोर एरिया में निजी जिप्सी लेकर बाघों के नजदीक तक जाते हैं । एक वीडियो भी किसी जिप्सी का वायरल किया गया।जिस जिप्सी का उल्लेख किया गया वह उमरिया जिले में रजिस्टर्ड है। टाइगर रिजर्व विभाग द्वारा उसकी जांच की गई । जिसका लिखित प्रतिवेदन उमरिया आरटीओ द्वारा दिया गया।
जिप्सी वाहन क्रमांक एमपी 54 जेड ए 3935 के संबंध में जिला परिवहन अधिकारी उमरिया द्वारा बताया गया है कि उक्त वाहन आशीष सोलंकी पिता गणेशबाल सोलंकी के नाम से क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी गोदरा पंचमहल में पंजीकृत था, जिसका वाहन नंबर सीजे 01जी5085 था । गोदरा पंचमहल गुजरात से एनओसी क्रमांक सीजे 2022/एनओसी/1696बी 1512बी को 15-12-2022 को एनओसी मिलने के पश्चात तथा जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय उमरिया में आवेदन, टैक्स तथा फीस जमा करने पर उमेश यादव पिता जोला यादव ग्राम धमोखर जिला उमरिया के नाम पर नामांतरण कर 17 मार्च 2023 को नवीन वाहन क्रमांक एमपी 54जेडए 3935 जारी किया गया था ।
सीएमएचओ उमरिया ने बताई वस्तु स्थिति-
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी उमरिया ने बताया है कि जिले में स्वास्थ्य विभाग को कोई भी जिप्सी वाहन दान में नही प्राप्त हुआ है । जिले में एक मात्र शासकीय जिप्सी वाहन क्रमांक एमपी 02 -1076 प्राप्त हुई थी जो वर्तमान में बंद हालत में जिले में उपलब्ध है । समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया में प्रकाशित जिप्सी वाहन क्रमांक एमपी 54 जेडए 3935 स्वास्थ्य विभाग को कभी उपलब्ध नही थी ।
उप मंडल अधिकारी की जांच में आरोप निराधार –
संजय टाइगर रिजर्व के उपवन मंडल अधिकारी के द्वारा क्षेत्र संचालक संजय टाइगर रिजर्व को भेजी गई जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बड़का डोल गेट में एंट्री व संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र के भीतर स्टाफ तथा अन्य लोगों से बातचीत करने पर यह पता चला है कि सीधी कलेक्टर द्वारा किसी के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया गया, साथ ही वह अपने निजी जिप्सी से संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र के भीतर नहीं गए थे बल्कि विस्थापन के मुद्दे में विस्थापित गांव का दौरा करने के लिए एवं लोगों से मुलाकात करने के लिए वह संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र में गए थे ऐसे में जो भी शिकायतें की गई थी वह झूठी एवं निराधार पाई गई है।