नई दिल्ली। 27 दिसंबर, 2025। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा (MGNREGA) के स्थान पर लागू किए गए नए ‘VB-G RAM G’ एक्ट के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की महत्वपूर्ण बैठक में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे इस मुद्दे को लेकर गहन विचार-विमर्श करेंगे। कांग्रेस इस बदलाव को ग्रामीण रोजगार पर सीधे हमले के रूप में देख रही है और इसे अपनी यूपीए सरकार की सबसे बड़ी विरासत को बचाने की लड़ाई बता रही है। पार्टी की रणनीति ग्रामीण इलाकों, दलितों, ओबीसी और वंचित वर्गों के बीच अपनी पकड़ को फिर से मजबूत करने की है, क्योंकि उसका मानना है कि आजीविका का मुद्दा सीधे तौर पर भाजपा को चुनावी नुकसान पहुंचा सकता है।
कांग्रेस नेतृत्व इस मुद्दे को अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम के विधानसभा चुनावों में केंद्रीय मुद्दा बनाना चाहता है। पार्टी का आकलन है कि नए कानून से राज्यों पर बढ़ा वित्तीय बोझ ‘INDIA’ गठबंधन के दलों को फिर से एकजुट करने का एक साझा मंच प्रदान कर सकता है। इसी रणनीति के तहत तृणमूल कांग्रेस (TMC) जैसे क्षेत्रीय दलों के साथ तालमेल बिठाने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। पिछले एक हफ्ते में देश भर के विभिन्न हिस्सों में 50 से अधिक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा चुकी हैं, जिसमें सोनिया गांधी के वीडियो संदेश के जरिए कार्यकर्ताओं को सरकार के खिलाफ आक्रामक होने का निर्देश दिया गया है।
CWC की बैठक में इस बात पर भी मंथन किया जाएगा कि कैसे इस विरोध को केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित न रखकर एक बड़े जन-आंदोलन में बदला जाए। कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने कैडर को लंबे समय तक सड़क पर बनाए रखने की है, जैसा कि पहले नोटबंदी और जीएसटी जैसे मुद्दों पर संघर्ष देखा गया था। वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि अब समय आ गया है कि बहस को संस्थागत आरोपों से हटाकर सीधे रोजगार और रोटी जैसे बुनियादी मुद्दों पर केंद्रित किया जाए। पार्टी अब देशव्यापी अभियान चलाने की तैयारी में है ताकि सरकार पर ‘VB-G RAM G’ एक्ट को लेकर लगातार दबाव बनाया जा सके।

