
रीवा। शहर के प्रमुख पान मसाला विक्रेता के यहा जीएसटी एंटी इवेजन ब्यूरो की टीम ने मंगलवार की दोपहर छापामार कार्यवाही की थी. कटरा मोहल्ला स्थित मोहनलाल पान मसाला के यहा कार्यवाही शुक्रवार की रात पूरी हुई. कारोबारी ने आईटीसी व कैश को मिलाकर एक करोड़ पचीस लाख कर अपवंचन की राशि सरेंडर की है. इस माह हुई अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही है. जप्त किये गये क्रय-विक्रय से जुड़े दस्तावेजो की जांच होगी और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि और कितनी कर की राशि निकलती है. फिलहाल कार्यवाही को बंद कर दिया गया है.
गौरतलब है कि जीएसटी एंटी इवेजन ब्यूरो की टीम ने संयुक्त आयुक्त राकेश सालवी के निर्देश पर मंगलवार की दोपहर शहर के कटरा मोहल्ला स्थित मोहन लाल पान मसाला के ठिकाने पर दबिश दी थी. टीम ने एक साथ मकान, दुकान एवं गोदाम में कार्यवाही शुरू की. जिसके बाद हडकम्प मच गया. पहले दिन देर रात तक कार्यवाही जारी रही और बुधवार एवं गुरूवार को कार्यवाही बंद रही. शुक्रवार को सुबह से कार्यवाही शुरू की गई. बताया गया है कि मोहन लाल पान मसाला के प्रोप्राइटर मोहन लाल अग्रवाल द्वारा पिछले कई सालो से बहुत कम रिटर्न प्रस्तुत कर रहे थे जबकि व्यापार काफी अधिक हो रहा था. संदेह के आधार पर उपायुक्त उमेश कुमार त्रिपाठी के मार्गदर्शन में 12 सदस्यीय टीम द्वारा जांच की गई. जांच के दौरान स्टाक और क्रय-विक्रय के रिकार्ड खंगाले गये. रात 9 बजे तक चली कार्यवाही के बाद व्यापारी द्वारा एक करोड़ 25 लाख सरेंडर किये गये. जिसके बाद कार्यवाही को विराम दिया गया. साथ ही क्रय-विक्रय से जुडे दस्तावेज जप्त किये गये है, जिनकी जांच की जाएगी.
कार्यवाही में ये रहे शामिल
पान मसाला कारोबारी के यहा राज्यकर अधिकारी प्रसून मिश्रा के नेतृत्व में कार्यवाही की गई. जिसमें सहायक आयुक्त विवेक दुबे, नवीन दुबे, राज्यकर अधिकारी पियूष तिवारी, सोमेश श्रीवास्तव, शैलेन्द्र्र पाण्डेय, निरीक्षक अनिल बनाफर, जीतेन्द्र मिश्रा, सुभाष सिंह सहित 12 सदस्यीय टीम मौजूद रही.
संचालन ने 1.25 करोड़ सरेंडर किये: डिप्टी कमिश्नर
जीएसटी एंटी इवेजन के डिप्टी कमिश्नर उमेश त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार को कार्यवाही हुई थी. दो दिन बाद शुक्रवार की रात कार्यवाही पूरी हुई. क्रय-विक्रय के दस्तावेज एवं स्टाक की जांच की गई. फर्म संचालक द्वारा आईटीसी व कैश को मिलकर एक करोड़ 25 लाख सरेंडर किये है, साथ ही कच्चे दस्तावेज जप्त किये गये है. जिनका मिलान किया जायेगा, उसके बाद कर अपवंचन निकाला जाएगा. फिलहाल कार्यवाही पूरी हो चुकी है.
