भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की विगत दो वर्षों की गतिविधियों की समीक्षा बैठक की। बैठक में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, रोजगार सृजन, स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इससे ग्रामीण युवाओं, महिलाओं एवं कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने, विपणन व्यवस्था को मजबूत करने तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिक से अधिक लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध परिणाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य कुटीर एवं ग्रामोद्योग को आधुनिक तकनीक और नवाचार से जोड़कर रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
