नयी दिल्ली, 26 दिसंबर (वार्ता) राजधानी में शुक्रवार सुबह छह बजकर पांच मिनट पर दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 292 दर्ज किया गया।इससे वायु गुणवत्ता एक बार फिर बिगड़कर ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गई।
राजधानी का औसत एक्यूआई 300 से नीचे भले हो, लेकिन दिल्ली के कई इलाकों में हवा अब भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। आनंद विहार में एक्यूआई 395, बवाना में 381, चांदनी चौक में 356 और अलीपुर में 327 दर्ज किया गया। शहर के अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण का स्तर असमान बना हुआ है। स्थानीय वाहनों के धुएं और पड़ोसी राज्यों से आने वाले प्रदूषकों को इस गिरावट के मुख्य कारणों के तौर पर देखा गया है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आगामी दिनों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई है। उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते कल के बाद दिल्ली में घना कोहरा छाने की संभावना है, जिससे प्रदूषण के स्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है। मंत्री ने जनता से अपील की है कि भले ही ग्रैप-4 की पाबंदियां हटा ली गई हैं, लेकिन सावधानी और सामूहिक प्रयासों की अब भी अत्यंत आवश्यकता है।
उल्लेखनीय है कि सुधार देखते हुए हाल ही में ग्रैप-4 को हटाया गया था, लेकिन प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने ‘प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं तो ईंधन नहीं ‘ अभियान को साल भर जारी रखने का फैसला किया है। इसके तहत बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा।
नियमों के अनुसार, 201 और 300 के बीच एक्यूआई लेवल को ‘खराब’ माना जाता है, जबकि 300 से ऊपर को ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रखा जाता है। सिर्फ 200 से कम डेटा को ‘मीडियम’ या बेहतर माना जाता है।
दिल्ली की हवा में फिर घुला जहर: एक्यूआई पहुंचा 292
