सतना : वैसे तो कोदो अनाज काफी पौष्टिक माना जाता है लेकिन इसके सेवन में बरती जाने वाली लापरवाही कभी-कभी स्वास्थ्य के लिए चुनौती भी खड़ी कर देती है. कुछ ऐसा ही मामला तब सामने आया जब कोदो की रोटी खाने के बाद एक ही परिवार के आधा दर्जन लोगों की तबियत बिगड़ गई. जिला चिकित्सालय में जारी उपचार के बाद सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जाने लगी.
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत खनगढ़ गांव में रहने वाले कोल परिवार के आधा दर्जन सदस्यों की तबियत बुधवार को अचानक बिगड़ गई. तबियत बिगडऩे पर किसी तरह पड़ोसियों को सूचित किया गया. जिसके चलते पड़ोसी एकत्र हो गए और निजी वाहन की व्यवस्था करते हुए परिवार के आधा दर्जन सदस्यों को उपचार के लिए नागौद स्थित सिविल अस्पताल ले गए. जहां पर उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों द्वारा उन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद जिला चिकित्सालय सतना के लिए रेफर कर दिया गया.
जिला चिकित्सालय में उन्हें भर्ती करते हुए उपचार शुरु किया गया. उपचार होने के काफी समय बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जाने लगी. जिला चिकित्सालय में नि लोगों का उपचार जारी है उनमें राम बेटू पिता फगुना कोल 40 वर्ष, फगुना पिता ददवा कोल 65 वर्ष, सुनील कोल पिता दिलीप उम्र 15 वर्ष, मन्दारी कोल पिता फगुना उम्र 16 वर्ष, चुुनूवादा पिता ददवा कोल उम्र 60 वर्ष और कल्ली कोल पिता सुखेंद्र उम्र 5 वर्ष शामिल हैं. पड़ोसियों ने बताया कि कोल परिवार बुधवार की सुबह ही कोदो को पिसवा कर लाया था.
जिसके बाद कोदो के आटे की रोटी बनाकर चने की भाजी के साथ खाईं. भोजन करने के कुछ देर बाद ही सभी की तबियत बिगडऩे लगी. वहीं घटना की जानकारी मिलने पर राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी जिला चिकित्सालयस पहुंच गईं. जहां पर उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह और आरएमओ डॉ. शरद दुबे से चर्चा कर उपचाररत ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उन्हें समुचित उपचार के निर्देश दिए.
