नयी दिल्ली 18 जून (वार्ता) समावेशी डिजिटल शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए डिजिटल इंडिया भाषिनी प्रभाग (डीआईबीडी) और मिज़ोरम सरकार ने बहुभाषी शासन को बढ़ावा देने तथा अपनी मूल भाषा में भाषा प्रौद्योगिकी के माध्यम से मिज़ो समुदाय को सशक्त बनाने के लिए एक ऐतिहासिक समझौता किया है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस रणनीतिक साझेदारी के साथ मिज़ोरम भाषिनी के अभिनव मंच को अपनाने के लिए तैयार है, जो सभी नागरिकों के लिए डिजिटल पहुँच और भागीदारी सुनिश्चित करते हुए राज्य की भाषाई विरासत को संरक्षित करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।
इस करार पर बुधवार को यहां आयोजित एक कार्यक्रम में हस्ताक्षर किये गये। यह करार में मूल भाषा की पहुँच को बढ़ावा देने, क्षेत्रीय भाषाओं को संरक्षित करने और डिजिटल समावेशन के माध्यम से आदिवासी समुदायों को सशक्त बनाने के मिजोरम के प्रयासों की बात कही गयी है।
इस करार का लक्ष्य बेहतर नागरिक सेवाएँ, समावेशी शासन, डिजिटल सशक्तिकरण, मिज़ो भाषा के एआई मॉडल में सुधार, बहुभाषी समाधानों के सफल रोलआउट को सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही एजोल में एक भाषिनी राजम कार्यशाला आयोजित करना है। कार्यशाला कार्यक्रम कार्यान्वयन, क्षमता निर्माण और विभिन्न विभागों में भाषा प्रौद्योगिकियों की तैनाती पर ध्यान केंद्रित करेगी।

