इंदौर: शहर के पश्चिम क्षेत्र में नगर निगम द्वारा जल संग्रहण केन्द्र बनाया जा रहा है. उक्त जल संग्रहण केन्द्र की क्षमता 3 करोड़ लीटर पानी एकत्रित करने की है. इसके निर्माण पर नगर निगम 18 करोड़ रुपए खर्च कर रहा है. आज महापौर ने उक्त सैंपवेल निर्माण कार्य का निरीक्षण किया.पश्चिम क्षेत्र की अन्नपूर्णा, द्वारकापुरी, राजेंद्र नगर, प्रगति नगर ऊंचाई पर स्थित होने से पेयजल टंकियां पूरी क्षमता से नहीं भर पाती हैं.
इसी को ध्यान में रखकर शहर में भविष्य की जल व्यवस्था को मजबूत करने के नगद निगम द्वारा विशेष जल संग्रहण केन्द्र बनाए जा रहे हैं. बीजलपुर में आगरा–मुंबई रोड के पास स्थित फल बाग में निगम संपवेल (जल संग्रहण केन्द्र) बना रहा है. उक्त संपवेल में लगभग 3 करोड़ लीटर से अधिक जल का संग्रहण संभव होगा. आज महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा निर्माणाधीन संपवेल (जल संग्रहण केंद्र) का स्थल निरीक्षण किया गया. यह संपवेल लगभग राशि 18 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित किया जा रहा है. निरीक्षण के दौरान जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा , पार्षद ओ.पी. आर्य, कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव, कंसल्टेंट, निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि सहित नगर निगम के अधिकारी उपस्थित थे.
वैकल्पिक समाधान होगा
महापौर भार्गव ने बताया कि वर्तमान में अमृत प्रोजेक्ट 2.0 तथा नर्मदा जल प्रदाय योजना के चौथे चरण के पूर्ण होने में अभी समय लगेगा. ऐसे में पश्चिम क्षेत्र में जल प्रदाय को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह संपवेल एक वैकल्पिक समाधान होगा. संपवेल से संग्रहित जल को ऊंचाई पर स्थित लगभग 10 पेयजल टंकियों तक पहुंचाया जाएगा. इससे क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को नियमित एवं पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध हो सकेगा
