मुंबई। शहरी अवसंरचना विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन नवरत्न सीपीएसई एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड और मुंबई पत्तन प्राधिकरण (एमबीपीए) बोर्ड के बीच 23 दिसंबर 2025 को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह एमओयू कॉटन ग्रीन डिपो के समीप मुंबई पोर्ट की लगभग 25 एकड़ भूमि पर केंद्रीय सरकारी कार्यालय (सीजीओ) कॉम्प्लेक्स के विकास के लिए किया गया है।
इस परियोजना में एनबीसीसी संकल्पना से लेकर कमीशनिंग तक संपूर्ण कार्य निष्पादन की जिम्मेदारी निभाएगा। समझौता ज्ञापन पर एमबीपीए के उपाध्यक्ष आदेश तितरमारे, आईएएस तथा एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के. पी. महादेवास्वामी ने दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।
सीजीओ कॉम्प्लेक्स के अतिरिक्त, मुंबई पत्तन प्राधिकरण ने एनबीसीसी को कई अन्य परियोजनाओं के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति भी प्रदान की है। इनमें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र, आइकोनिक भवन, बहुस्तरीय कार पार्किंग का निर्माण तथा भवनों, शेड, घाट, भंडारण क्षेत्रों और सड़कों का अनुरक्षण शामिल है।
यह एमओयू नियोजित पुनर्विकास, परिसंपत्ति मौद्रीकरण और विश्वस्तरीय अवसंरचना सृजन के लिए एक रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत को दर्शाता है। यह सहयोग संधारणीय शहरी विकास के लिए भारत सरकार की परिकल्पना के अनुरूप है, जिसमें एनबीसीसी की परियोजना प्रबंधन और अवसंरचना निष्पादन में विशेषज्ञता तथा एमबीपीए की भूमि परिसंपत्तियों का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। यह साझेदारी शहरी पुनर्विकास में नए मानक स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
