बांग्लादेश की घटनाओं पर चुप क्यों है बुद्धिजीवी: साध्वी प्राची सिंह

शाजापुर। जहां भी संख्या बल कम होता है वहां हिंदू समाज को प्रताडि़त किया जाता है. जो लोग केरला स्टोरी और कश्मीर फाइल्स को झूठा कह रहे थे वो आज हकीकत में बांग्लादेश स्टोरी देख लें. बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रही कु्रररता ना केवल निंदनीय है बल्कि बेहद दर्दनाक और शर्मनाक भी है.

यह बात उज्जैन महाकाल दर्शन के लिए जा रही प्रखर हिंदू वक्ता साध्वी प्राची सिंह ने बुधवार को शाजापुर अल्प प्रवास के दौरान पत्रकारों से चर्चा में कही. उन्होंने स्थानीय मां राजराजेश्वरी माता मंदिर में दर्शन भी किए. इस दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए साध्वी प्राची सिंह ने बांग्लादेश की घटना पर बुद्धिजीवी वर्ग की चुप्पी को देश के लिए अत्यंत दुखद बताया. उन्होंने कहा कि मैं भारत की सरकार से निवेदन करती हूं कि समय आ गया है अब फाटक खोल दें ताकि बांग्लादेश में प्रताडि़त हो रहे हिंदू अपने राष्ट्र में सुरक्षित रह सके. उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश में हो रहे हिंदू समाज के नरसंहार को लेकर सेक्यूलर गेंग खामोश बैठी है. बिहार में नीतीश कुमार के नकाब हटाने पर बवाल करने वाले बांग्लादेश में दीपूदास के सरेआम जिंदा जलाए जाने पर गूंगे बहरे हो गए हैं. नितिश कुमार ने नकाब हटाकर क्या गलत किया उन्होंने यही देखा कि नकाब में डिग्री लेने वाली सलमा है या नकाब की आड़ में कोई सलमान डिग्री लेने आ गया. पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाए जाने के सवाल पर भी साध्वी प्राची सिंह ने बेबाकी से कहा कि हिंदुस्तान में किसी आक्रांता की विचारधारा के लिए कोई स्थान ना कभी था, ना है और ना ही कभी रहेगा. इस दौरान उनके साथ पचोर के प्रमोद सोनी, नाथ समाज के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्रनाथ योगी, हिंदू जागरण मंच के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य अनुप किरकिरे, गौरक्षा प्रमुख धर्मेंद्र शर्मा, वरिष्ठ समाजसेवी जीवननाथ योगी, सुनील नाथ योगी तथा चंचलनाथ योगी सहित अन्य हिंदू संगठन प्रमुखों द्वारा आत्मीय सत्कार किया गया.

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