पेरिस, 24 दिसंबर (वार्ता) फ्रांस की नेशनल असेंबली और सीनेट में सांसदों ने मंगलवार को सरकार द्वारा प्रस्तावित एक “विशेष कानून” अंगीकार किया, ताकि 2026 के अंतिम बजट पर जनवरी में काम फिर से शुरू करने से पहले 2025 के बजट को अगले साल तक बढ़ाया जा सके।
इससे पहले नेशनल असेंबली और सीनेट के सांसदों की एक संयुक्त समिति ने 19 दिसंबर को देश के 2026 बजट पर आम सहमति हासिल करने की कोशिश की थी, लेकिन उसमें उन्हें असफलता हाथ लगी थी। इसके बाद यह संभावना बढ़ गयी थी कि फ्रांस बिना पूरी तरह से स्वीकृत बजट के नये साल में प्रवेश करेगा।
प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने पहले कहा था कि सरकार संविधान के अनुच्छेद 49.3 का सहारा नहीं लेगी, जो संसदीय वोट के बिना कानून पारित करने की अनुमति देता है और पिछले वर्षों में विभाजित संसद के माध्यम से बजट पारित करने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया है।
श्री लेकोर्नू ने मंगलवार शाम को फ्रांसीसी प्रधानमंत्री के कार्यालय, मैटिग्नन में इस बात पर जोर दिया कि जनवरी में फ्रांस के पास एक आधिकारिक बजट होना चाहिए। उन्होंने 2026 में सार्वजनिक घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के पांच प्रतिशत से नीचे लाने के सरकार के उद्देश्य को दोहराया।
यूरो क्षेत्र की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था फ्रांस, अपने घाटे और बढ़ते कर्ज को नियंत्रित करने के दबाव में है, लेकिन राजनीतिक गतिरोध के कारण उसके ये प्रयास बाधित हुए हैं।
