सतना : उपभोक्ताओं के लाख मना किए जाने के बावजूद भी स्मार्ट मीटर को जबरदस्ती थोपने के जारी प्रयास पर उस वक्त झटका लगता नजर आया जब रहवासी लामबंद होकर सडक़ पर उतर आए. सडक़ पर एकत्रित रहवासियों ने स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में प्रदर्शन करते हुए जबरदस्त नारेबाजी शुरु कर दी. आमजन के रुख को भांपते हुए विद्युत विभाग के अधिकारियों को बैकफुट पर आना पड़ा और लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर के स्थान पर पुराने मीटर लगाने के निर्देश दे दिए गए.
शहर के मुख्त्यारगंज की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्टार आटोमोबाइल्स के सामने आधा सैकड़ा स्थानीय रहवासी मंगलवार की सुबह एकत्रित हो गए. रहवासियों ने मार्ग पर बैठकर प्रदर्शन करते हुए स्मार्ट मीटर के विरोध में नारेबाजी शुरु कर दी. जिसे देखते हुए कुछ और रहवासी भी इस विरोध प्रदर्शन के पक्ष में आकर खड़े हो गए. लिहाजा मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया. काफी देर तक जारी रहे प्रदर्शन के बाद विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन अभियंता शहर मौके पर पहुंच गए.
चर्चा के दौरान रहवासियों ने कार्यपालन अभियंता को जानकारी देते हुए बताया कि जिन जिन घर अथवा प्रतिष्ठानों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, वहां के बिजली बिल कई गुना अधिक आने लगे हैं. लिहाजा वे लोग बेवजह बढ़े हुए बिजली बिल का ठीकरा अपने सर पर क्यों लें. यदि किसी उपभोक्ता के घर में लगे इलेक्ट्रानिक मीटर में कोई गड़बड़ी है तो वहां पर जांच कार्रवाई की जा सकती है.
लेकिन यदि उपभोक्ता हर महीने इमानदारी से अपने अपने बिजली बिलों का भुगतान करते आ रहे हैं तो फिर उनके यहां स्मार्ट मीटर थोपने का प्रयास क्यों किया जा रहा है. रहवासियों के जबरदस्त विरोध को देखते हुए विद्युत अमले को बैकफुट पनर आने के लिए मजबूर होना पड़ गया. कुछ ही देर में कार्यपालन अभियंता द्वारा मातहत अमले का नए स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने इलेक्ट्रानिक मीटर लगाने के निर्देश दे दिए गए.
निकालने पड़े स्मार्ट मीटर
बिना किसी पूर्व सूचना और सहमति लिए उपभोक्ता के घर में समार्ट मीटर लगाने के प्रयास ने मैहर में भी स्थानीय रहवासियों को आक्रोशित कर दिया. जबरदस्ती स्मार्ट मीटर लगाया जाता देख वार्र्ड क्र. 9 के रहवासियों ने विरोध शुरु कर दिया. उपभाक्तओं का स्पष्ट कहना था हिक स्मार्ट मीटर लगते ही बिजली बिल को पंख लग जाते हैं और महीने का बिजली बिल बेतहाशा बढऩे लगता है. यह देख कई और रहवासी भी स्मार्ट मीटर का विरोध करने लगे. स्थानीय रहवासियों के आक्रोश को भांपकर वहां पर मौजूद विद्युत अमले और ठेकेदार के लोगों ने नए स्मार्ट मीटर निकालकर पुराने इलेक्ट्रानिक मीटर को वापस लगाने में ही भलाई समझी.
कोतवाली पहुंची शिकायत
मौके पर जबरदस्त विरोध के चलते स्मार्ट मीटर के बजाए पुराने इलेक्ट्रानिक मीटर लगाने के बाद विद्युत अमला भले ही वहां से लौट गया. लेकिन कुछ देर बाद ही इस मामले की शिकायत कोतवाली पहुंच गई. विद्युत विभाग के सहायक अभियंता द्वारा दी गई लिखित शिकायत में इस बात का हवाला दिया गया कि राजदीप सिंह मोनू, मयंक वर्मा और उनके 5 अन्य साथियों द्वारा उपभोक्ताओं को भ्रमक जानकारी देकर भडक़ाया. स्मार्ट मीटर स्थापना के कार्य में व्यवधान करने के साथ ही कंपनी के कर्मचारियों को बंधक बनाया गया. इतना ही नहीं बल्कि स्थापित किए गए 7 नग स्मार्ट मीटरों को जबरदस्ती निकलवा दिया गया. इस मामले में लिखित शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है.
