सभी सेक्टर को एक साथ जोड़ने का माध्यम सहकारिता:सारंग

भोपाल, 06 फरवरी (वार्ता) मध्यप्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा है कि किसी भी देश के उन्नयन, विकास और जनता के कल्याण के लिये अर्थ-व्यवस्था की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

श्री सारंग गुरूवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में राज्य ऋण संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जहाँ व्यक्ति है, वहाँ अर्थ है और जहाँ अर्थ है वहाँ अर्थ-व्यवस्था। विकसित भारत निर्माण की परिकल्पना के लिये अर्थ-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये संकल्प के साथ प्लानिंग करनी होगी। सभी अर्थ-व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिये लक्ष्य के साथ अपने-अपने प्रकल्प पर काम कर रहे हैं। सभी सेक्टर को एक साथ जोड़ने का माध्यम सहकारिता है।

उन्होंने कहा कि ऋण देना और समय पर वापस लेना अर्थ-व्यवस्था का महत्वपूर्ण आयाम है। उन्होंने कहा कि एक जैसे सेक्टर के लोग लगातार संवाद करें। समन्वय और परिस्थिति को जांचते हर तीन माह में एक-दूसरे की अपेक्षाओं पर काम करने से और अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि सहकारिता का महत्वपूर्ण स्तम्भ संस्कार है। पारदर्शिता और कम्प्यूटराइजेशन के साथ अर्थ-व्यवस्था और रोजगार के अवसर सृजित करने के लिये सुधार आवश्यक है। सहकारिता आन्‍दोलन को मजबूत करने के लिये मध्यप्रदेश की हर पंचायत पर पैक्स स्थापित किये जायेंगे।

श्री सारंग ने कहा कि आकांक्षी ब्लॉक में सहकारी आन्‍दोलन के माध्यम से नये रोजगार के अवसर सृजित कर उनके सामाजिक आर्थिक विकास के लिये काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नवाचार विंग के माध्यम से नित नये आयाम के द्वार खोले जा रहे हैं। प्रदेश में समितियों का फेडरेशन बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि कॉर्पोरेट कल्चर को अपना कर बौद्धिक कुशलता और रोजमर्रा की कार्यप्रणाली पर काम किया जा रहा है। अर्थ-व्यवस्था के निर्माण और विकास के लिये मध्यप्रदेश दृढ़ संकल्पित है। देश को तीसरे नंबर की इकॉनोमी वाला बनाने के लिये मध्यप्रदेश जिम्मेदारी के साथ काम कर रहा है।

उन्होंने राज्य फोकस पेपर 2025-26 पुस्तिका और सफल नवाचार की कहानियों पर आधारित ‘नैब-पहलें’ का विमोचन किया। संगोष्ठी में सहकारी संस्थाओं को नाबार्ड की योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृति-पत्र वितरण और राज्य में सराहनीय प्रदर्शन करने वाले हितग्राहियों का विशेष सम्मान किया गया।

संगोष्ठी को आरबीआई की क्षेत्रीय निदेशक सुश्री रेखा चन्दनवेली, एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक चन्द्रशेखर शर्मा और नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक सुश्री सी. सरस्वती ने भी विचार व्यक्त किये। इस मौके पर सहकारिता आयुक्त मनोज पुष्प, एस.एल.बी.सी. के डीजीएम श्री प्रमोद मिश्रा उपस्थित थे। संगोष्ठी में राज्य फोकस पेपर 2025-26 पर प्रस्तुतिकरण दिया गया।

 

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