रणवीर सिंह के डॉन 3 विवाद के बीच चंकी पांडे ने किया खुलासा, बोले- मुझे भी एक हफ्ते के लिए बैन किया गया था

चंकी पांडे ने रणवीर सिंह के ‘डॉन 3’ विवाद के बीच खुलासा किया कि 1987 में फिल्म ‘आग ही आग’ की शूटिंग के दौरान उन्हें भी एक हफ्ते के लिए बैन किया गया था।

बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह इन दिनों फिल्म डॉन 3 को लेकर विवादों में घिरे हुए हैं। हाल ही में खबर सामने आई थी कि फिल्म से दूरी बनाने के बाद अभिनेता और निर्माता फरहान अख्तर ने FWICE से संपर्क किया, जिसके बाद रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन आदेश जारी किया गया। इस फैसले के बाद फिल्म इंडस्ट्री में बहस तेज हो गई है और कई लोग इसे पक्षपातपूर्ण कदम बता रहे हैं।

इसी बीच अभिनेता चंकी पांडे ने अपने करियर से जुड़ा एक पुराना किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी था जब उन्हें खुद इंडस्ट्री में बैन का सामना करना पड़ा था। चंकी पांडे ने बताया कि साल 1987 में उनकी फिल्म आग ही आग की शूटिंग के दौरान इंडस्ट्री में हड़ताल चल रही थी। उस समय शूटिंग की अनुमति नहीं थी, लेकिन निर्माता पहलाज निहलानी बेंगलुरु और बाद में ऊटी में फिल्म की शूटिंग कर रहे थे।

चंकी पांडे ने कही ये बात
चंकी ने कहा कि इस वजह से कई लोगों पर कार्रवाई हुई। उन्होंने बताया कि फिल्म में धर्मेंद्र और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे बड़े सितारे थे। वे इतने बड़े सुपरस्टार थे और एक साथ कई फिल्मों में काम कर रहे थे कि उन्हें बैन करना आसान नहीं था। उस समय मैं नया था और मेरी पहली फिल्म भी रिलीज नहीं हुई थी, इसलिए मुझे एक हफ्ते के लिए बैन कर दिया गया था।

माफी मांगने के बाद हटा बैन
चंकी पांडे ने आगे बताया कि बाद में उन्होंने माफी मांगी, जिसके बाद एक हफ्ते के भीतर उनका बैन हटा लिया गया। अभिनेता ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री बेहद छोटी और संवेदनशील है और उन्होंने खुद इस तरह की परिस्थितियों का सामना किया है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर फिर से FWICE के फैसलों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कई लोग रणवीर सिंह के मामले की तुलना पुराने विवादों से कर रहे हैं।

रणवीर सिंह ने जारी किया बयान
वहीं रणवीर सिंह की टीम की ओर से भी बयान जारी किया गया है। अभिनेता ने कहा कि वह फिल्म इंडस्ट्री और डॉन 3 फ्रेंचाइजी से जुड़े सभी लोगों का सम्मान करते हैं। रणवीर ने अपने बयान में कहा कि फिल्म से जुड़ी परिस्थितियों पर वह ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते, क्योंकि उनका मानना है कि प्रोफेशनल और निजी मामलों को सम्मान और समझदारी के साथ संभालना चाहिए।

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