नयी दिल्ली, 21 दिसंबर (वार्ता) कांग्रेस ने कहा है कि मनरेगा कानून को खत्म करने का जो काम संसद में हुआ है उसको लेकर कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी का यह कथन एकदम सटीक है कि मोदी सरकार ने मनरेगा के नाम पर संसद में बुलडोजर चलाया है।
श्रीमती गांधी ने एक बयान में मनरेगा को क्रांतिकारी योजना बताते हुए शनिवार को कहा था कि मोदी सरकार ने इस योजना को खत्म करने के लिए संसद में बुलडोजर चलाया है।
कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने रविवार को यह एक बयान में कहा कि मनरेगा का मौलिक चरित्र बदला गया है, इस योजना का मूल ढांचा बदला गया है और ग्रामीण, वंचित और शोषित लोगों को जो रोजगार दिया जा रहा था उसे हटाया गया है। उन्होंने मनरेगा के तीन सिद्धांत बताते हुए कहा कि पहला सिद्धान्त रोजगार देना, दूसरा रोजगार के माध्यम से स्थानीय समुदाय के लिए जिन आधारभूत संरचनाओं की जरूरत है उसे बढ़ाना तथा आजीविका दर सुनिश्चित करना और तीसरा ग्राम पंचायत द्वारा यह तय किया जाता था, लेकिन अब केंद्र सरकार तय करेगी कि किसे, कहां और कब रोजगार दिया जाना है।
श्री रमेश ने भाजपा पर सीधा हमला करते हुए कहा “भाजपा को महात्मा गांधी के नाम से और कांग्रेस कार्यकाल में बने कानूनों से सख़्त नफरत है। मुझे समझ नहीं आता कि इन लोगों ने इसमें जल्दबाजी क्यों की। जो नया कानून बनाया गया है, राज्यों से इसके बारे में बातचीत नहीं हुई है। राज्य सरकारों की जो वित्तीय स्थिति है इससे और बिगड़ जाएगी।इस पर कांग्रेस संंसद दल की नेता सोनिया गांधी का बयान सही है कि संसद में बुलडोजर चलाया गया है।”
मनरेगा पर संसद में सही अर्थ में बुलडोजर ही चलाया गया : कांग्रेस
