
जबलपुर। जिला पंचायत की सामान्य प्रशासन समिति की जिला पंचायत सभाकक्ष में संपन्न हुई बैठक में कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान ई-टोकन एवं उर्वरक वितरण प्रणाली का लाइव प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्यों के समक्ष ई-टोकन जनरेट करने की संपूर्ण प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष आशा मुकेश गोंटिया की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक गहलोत भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष विवेक पटेल द्वारा नक्शे, खसरे एवं आधार विवरण के माध्यम से लाइव प्रक्रिया अपनाते हुए ई-टोकन प्रणाली के पोर्टल पर भू-अभिलेख विकल्प के अंतर्गत छह खसरों को जोड़ा गया। यह प्रक्रिया अनुमोदन हेतु एसडीएम लॉगइन जबलपुर को प्रेषित की गई। बैठक में बताया गया कि चूंकि भूमि रिकॉर्ड राजस्व विभाग के अंतर्गत आता है, इसलिए खसरे का सत्यापन भी एसडीएम लॉगइन के माध्यम से किया जाएगा। ई-वितरण (टोकन) प्रणाली के तहत किसान आधार के माध्यम से ई-टोकन जनरेट कर खाद के लिए आवेदन करते हैं। यह टोकन तीन दिवस तक वैध रहता है, जिसके भीतर किसान अपने चयनित डबल लॉक केंद्र, शासकीय समिति अथवा निजी विक्रय केंद्र से उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर यह भी जानकारी दी गई कि ई-टोकन एवं उर्वरक वितरण प्रणाली लागू होने के बाद जबलपुर जिले में खाद की घर पहुँच सेवा को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया गया है। प्रारंभिक चरण में डबल लॉक केंद्र रिछाई, पनागर, मझौली एवं शहपुरा के 5 किलोमीटर दायरे में किसानों को उर्वरक की घर पहुँच सुविधा दी जा रही है। अब तक तीन किसानों ने इस सुविधा का लाभ उठाया है। बैठक में सदस्यों ने इस व्यवस्था को किसानों के हित में एक प्रभावी और पारदर्शी पहल बताते हुए इसे और व्यापक स्तर पर लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
