भुवनेश्वर, 19 दिसंबर (वार्ता) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि उनका प्रदेश भारत के प्रमुख ग्रोथ इंजन में से एक के रूप में उभरने की तैयारी कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने आयोजित ओडिशा इन्वेस्टर मीट में उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य नीतिगत स्थिरता, प्रतिस्पर्धी परिचालन लागत और एक सुविधाजनक शासन ढांचे के समर्थन से खुद को भविष्य के लिए निवेश को आकर्षित करने के लिए तैयार कर रहा है।
यह मीट उद्योगपतियों के साथ सीधे जुड़ाव को सक्षम करने, ओडिशा के विविध औद्योगिक इकोसिस्टम को प्रदर्शित करने और प्राथमिकता और उभरते क्षेत्रों में निवेश निर्णयों में तेजी लाने के लिए आयोजित की गई है। इस कार्यक्रम में प्रमुख कंपनियों, उद्योग संघों और व्यापार मंडलों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित 500 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
श्री माझी ने भारत के औद्योगिक विकास के बदलते भूगोल का जिक्र करते हुए कहा कि ओडिशा मजबूत बुनियादी ढांचे, राजकोषीय अनुशासन और उत्तरदायी शासन द्वारा समर्थित पूर्वोदय के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के तहत एक प्रमुख क्षेत्र के रूप में उभर रहा है।उन्होंने राज्य की लंबी तटरेखा, बंदरगाह-आधारित विकास, बढ़ते औद्योगिक गलियारे और मजबूत मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी का उल्लेख किया, जो ओडिशा को घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों के लिए एक प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित करते हैं।
मीट के दौरान 13 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए, जो कुल 27,650 करोड़ रुपये के निवेश की क्षमता और 15,905 नौकरियों के अनुमानित रोजगार सृजन का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके अतिरिक्त 39,131 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें 40,000 से अधिक नौकरियां सृजित करने की क्षमता है।
