नयी दिल्ली, 19 दिसंबर (वार्ता) हिंदी के प्रख्यात लेखक प्रियंवद को पराग ऑथर प्राइज, 2025 से नवाजा गया है ।
टाटा ट्रस्ट्स की पहल ‘पराग’ की ओर से शुक्रवार को यहां ‘पराग उत्सव 2025’ के दौरान साहित्यिक उत्कृष्टता की श्रेणी में पराग ऑथर प्राइज, 2025 (हिंदी) प्रख्यात लेखक प्रियंवद को उनकी विशिष्ट भाषाई शैली और बाल साहित्य में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया गया।
पराग इलस्ट्रेटर प्राइज़, 2025 ऋषि सहानी को प्रदान किया गया। उन्हें एनीमेशन, चित्रांकन और डिज़ाइन की दुनिया में एक नयी और मौलिक दृश्य-भाषा विकसित करने के लिए यह सम्मान मिला।
टाटा ट्रस्ट्स की प्रमुख पहल ‘पराग’ ने आज यहां ‘पराग उत्सव 2025’ का आयोजन किया। यह वार्षिक उत्सव बाल साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने और देशभर में गुणवत्तापूर्ण किताबों की पहुंच बढ़ाने के प्रयास के तहत किया जाता है।
इस बार उत्सव का आकर्षण कई नयी श्रेणियों के पुरस्कार रहे, जिनमें पराग ऑथर प्राइज़, पराग इलस्ट्रेटर प्राइज़ और पराग चिल्ड्रन्स चॉइस अवॉर्ड पहली बार दिये गये। कार्यक्रम में ‘पराग ऑनर लिस्ट’ का छठा संस्करण जारी किया गया और चित्रकारों के विशिष्ट योगदान के लिए ‘बिग लिटिल बुक अवॉर्ड’ (अब पराग सिग्निफिकेंट कंट्रीब्यूशन अवॉर्ड) भी प्रदान किया गया।
इस वर्ष पराग ने एक नयी और अनूठी पहल करते हुए ‘पराग चिल्ड्रन्स चॉइस अवॉर्ड 2025’ की शुरुआत की, जहां नन्हें पाठकों को ही ‘जूरी’ की भूमिका में रखा गया। 9 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के 113 पुस्तकालयों से जुड़े लगभग 7,750 बच्चों ने इस चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेकर अपनी पसंद और राय साझा की।
‘बीएलबीए’, जिसे अब ‘पराग सिग्निफिकेंट कंट्रीब्यूशन अवॉर्ड 2025’ के नाम से जाना जाएगा, विख्यात चित्रकार तापोशी घोषाल को प्रदान किया गया। यह सम्मान विभिन्न भाषाओं और क्षेत्रों में विजुअल स्टोरीटेलिंग के माध्यम से उनके दशकों लंबे योगदान को समर्पित है।
इसके साथ ही, ‘पराग ऑनर लिस्ट 2025′ में इस साल 61 उत्कृष्ट कृतियों को जगह मिली है, जिनमें 33 अंग्रेजी और 28 हिंदी की पुस्तकें शामिल हैं। इन किताबों का चयन साल भर चली एक पारदर्शी और गहन जूरी प्रक्रिया के बाद किया गया है।
टाटा ट्रस्ट्स् की प्रमुख (शिक्षा) अमृता पटवर्धन ने इस अवसर पर कहा, “टाटा ट्रस्ट्स् में हमारा मानना है कि पढ़ना सिर्फ एक कौशल नहीं, बल्कि बच्चों के सीखने और दुनिया से जुड़ने का मूल आधार है। पराग उत्सव हमारी उस मुहिम का हिस्सा है, जिसके जरिए हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हर बच्चे को, चाहे वह कहीं भी हो, बेहतरीन किताबें मिलें। हम भारत में बाल साहित्य के दायरे को लगातार विस्तार दे रहे हैं, ताकि बचपन में किताबों से बनी यह दोस्ती बच्चों में जिज्ञासा पैदा करे और उम्र भर बनी रहे।”
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के पूर्व निदेशक पद्मश्री कृष्ण कुमार ने कहा, “बच्चों की दुनिया में शब्दों की महिमा को केवल बाल साहित्य की मदद से ही समझा जा सकता है। पराग द्वारा की गयी यह पहल, हर वर्ष बच्चों के लिए लिखी गयीं श्रेष्ठ पुस्तकों का चयन करना और उनका सार्वजनिक रूप से सम्मान करना, आज के समय की एक बहुत बड़ी पहल है। विभिन्न प्रकाशनों और संस्थाओं को सहयोग देने का यह सतत प्रयास इस विचार को भी अपने भीतर समेटे हुए है कि बाल साहित्य के क्षेत्र में कुछ मानक स्थापित किये जायें, जिससे हम यह समझ सकें कि कौन-सी पुस्तक बेहतर है और क्यों।”
