चूरना से सारनी तक टाइगर की दस्तक, सात दिनों से क्षेत्र में लगातार मूवमेंट

सारनी. सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के चूरना जंगल से एक बार फिर टाइगर का मोमेंट सारनी क्षेत्र के आसपास देखने कों मिला है. टाइगर ने सात दिनों मे राख बांध,सलेय्या एवं ड्रिलिंग केंप के पास अपना डेरा बना लिया है. बताया जाता है कि टाइगर कों कई स्थानों पर देखे जाने की सूचना पर स्थानीय वन विभाग की टीम ने सर्च भी किया है.कई जगहों पर टाइगर के पग मार्क मिले है. गौरतलब है कि चूरना के जंगल से सारनी के राख बांध तक टाइगर ने अपनी चहल पहल जारी रखी है. इसे टाइगर की टेरा टेरी भी कहा जाता है.जहां पर अक्सर टाइगर का मोमेंट बना रहता है.हालांकि करीबन सात दिनों मे किसी जानवर के कील यानी शिकार करने की सुचना नहीं मिली है.जानकर लोगो का मानना है कि नपा क्षेत्र में आवारा पशुओं की भरमार है. इसी वजह से पशुओं के कील या शिकार की सूचना नहीं मिल पा रही है. ग्रामीण क्षेत्र में किसानों के पास पालतू पशुओं का टाइगर शिकार करता है तो सूचना मिल जाती है.वनप्राणियों की खोज खबर रखने वाले आदिल खान से टाइगर के मुवमेंट की जानकारी लेने पर आदिल खान ने कहा कि लम्बे समय से इस क्षेत्र में टाइगर का मूवमेंट है और 14 दिसम्बर कों ड्रिलिंग केंप एवं सलेय्या मे टाइगर देखा गया है. टाइगर होने की जानकारी के बाद स्थानीय वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी के लोकेशन की जानकारी जुटा रही है. इस क्षेत्र से टाइगर को दो से तीन बार टेंकुलाइज़ यानी बेहोश करके पकड़ने के बाद चूरना एवं मंडला के पास बमे बाड़े मे ले जाकर रखा गया है.

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