
इंदौर: शहर के देवालयों और आस्था के प्रमुख केंद्रों में अग्रणी खजराना गणेश मंदिर में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि भक्तों के दान ने नया कीर्तिमान रच दिया. सात दिन तक चली दान पेटियों की गिनती पूरी हो गई है. गिनती के बाद जब हिसाब सामने आया तो आंकड़ा 1 करोड़ 78 लाख 26 हजार 684 रुपए रहा. भक्तों की श्रद्धा सिर्फ भारतीय नोटों तक सीमित नहीं रही, बल्कि विदेशी मुद्रा, बंद हो चुकी करेंसी, नकली नोटों के अलावा सोने और चांदी के आभूषण भी भक्तों ने गणपति बप्पा के चरणों में अर्पित किए गए.
साल में तीन बार होती है दान पेटियोंं के दान की गणना
परंपरा के अनुसार खजराना गणेश मंदिर में साल में तीन बार भक्तों द्वारा दान पेटियों में डाली गई दान राशि की गिनती होती है. वर्ष 2024 खजराना के लिए सबसे खास साबित हुआ. पिछले साल यानी 2024 में अब तक का सबसे अधिक दान दर्ज किया गया था, वहीं कोरोना काल का 2020 ऐसा साल रहा, जब दान सबसे कम रहा. इस साल चार माह पहले 1 अगस्त को हुई गिनती में भी मंदिर को1.68 करोड़ मिले थे और अब दिसंबर में 1.78 करोड़ से ज्यादा की दान राशि आई है. मंदिर परिसर में लगी 43 दान पेटियों से निकली पूरी राशि को प्रबंध समिति ने पीएनबी और यूनियन बैंक के खातों में जमा करा दिया है. मैनेजर घनश्याम शुक्ला के मुताबिक, इसके बाद सभी पेटियों को दोबारा सील कर सुरक्षित स्थानों पर रख दिया गया.
भरोसे और उम्मीद का भी सबसे बड़ा केंद्र बना खजराना गणेश मंदिर
खजराना गणेश का दरबार सिर्फ दान का नहीं, भरोसे और उम्मीदों का भी सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है. दान पेटियों से निकली रकम के साथ-साथ निकले सैकड़ों पत्रों ने भी सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा. जो पत्र मिले, उनमें श्रद्धालुओं ने अपने दिल की बातें भगवान गणेश को लिखी थीं. किसी ने नौकरी की आस, किसी ने पारिवारिक तनाव से मुक्ति की गुहार लगाई, तो किसी ने बच्चों का भविष्य संवारने तो किसी ने सूनी गोद भरने की कामना लेकर भगवान गणेश के दरबार में हाजिरी लगाई. पश्चिम क्षेत्र की एक मां ने अपनी बेटी का धामनोद से इंदौर ट्रांसफर कराने की मनौती लिखी, तो कई श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और शांति की कामना की.
ये है गिनती में तारीखवार दान का आंकड़ा
दान राशि की पूरी गिनती किसी मिशन से कम नहीं थी. कड़ी सुरक्षा, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और ट्रेजरी अधिकारी, नगर निगम व बैंक कर्मियों की मौजूदगी में दान पेटियों से निकले दान की गणना संपन्न हुई. 8 दिसंबर को 64 लाख, 9 को 39 लाख, 10 को 34 लाख, 11 को 19 लाख, 12 को 11 लाख और 15 दिसंबर को 2.50 लाख की राशि निकली. इस तरह हर दिन खुलती पेटियों के साथ आस्था का आंकड़ा भी बढ़ता चला गया.
नकली नोट, मोबाइल और बंद हो चुके 5 सौ, 2 हजार के नोट भी निकले
कुछ नकली नोट भी दान पेटियों से निकले हैं. इस बार दान पेटियों से एक मोबाइल भी मिला है. सोने-चांदी के असली और नकली आभूषण भी बड़ी मात्रा में मिले हैं. इस बार भी बड़ी संख्या में बंद हो चुके 2000 और 500 के नोट मिले हैं
