जबलपुर: मंडला जिले में स्थित उद्यान भूमि पर नवीन कलेक्ट्रेट भवन और पुलिस अधीक्षक कार्यालय बनाये जाने हाईकोर्ट ने अपना पूर्व का अंतरिम आदेश बरकरार रखा है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष गुरुवार को मामला सुनवाई के लिये नियत था, लेकिन समयाभाव के चलते न्यायालय ने मामले की सुनवाई नौ फरवरी तक के लिए मुल्तवी कर दी है।
उल्लेखनीय है कि यह जनहित का मामला मंडला जिले के महात्मा गांधी वार्ड निवासी अब्दुल गफ्फार कुरैशी की ओर से दायर किया गया है। जिसमें कहा गया है कि मंडला शहर में नर्सरी उद्यान है, जो कि करीब छह एकड़ में फैला हुआ है। जिसमें दस हजार से अधिक पेड़-पौधे लगे हुए है, जिससे व्यापक रूप से शहरवासियों को ऑक्सीजन प्राप्त होती है। आवेदक का कहना है कि हाल ही में शासन ने उक्त उद्यान भूमि पर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय व पुलिस अधीक्षक कार्यालय के नवीन भवन निर्माण के आदेश जारी किये है, जिसमें जल्द ही निर्माण कार्य भी शुरू होने वाला है।
आवेदक की ओर से कहा गया कि उक्त निर्माण कार्य से हरे-पौधों को काटा जायेगा, जो कि अनुचित है। याचिका में राहत चाही गई है कि उक्त दोनों भवनों का निर्माण अन्यत्र स्थान पर किया जाये, ताकि पेड़-पौधों को बचाया जा सके। मामले में मप्र शासन के प्रमुख सचिव, मंडला कलेक्टर, पीसीसीएफ भोपाल, सीसीएफ जबलपुर, डायरेक्टर बागवानी विभाग भोपाल, असिस्टेंट डायरेक्टर बागवानी मंडला, डिवीजन फॉरेस्टस अधिकारी मंडला को पक्षकार बनाया गया है। मामले की सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने यथास्थिति के निर्देश देते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश पूर्व में दिये थे। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश कुमार तिवारी पैरवी की रहे है।
