प्रधानमंत्री मोदी के ‘अष्टलक्ष्मी’ विज़न से पूर्वोत्तर भारत निभा रहा विकास इंजन की भूमिका : सिंधिया

अगरतला/गुवाहाटी/नयीदिल्ली। 23 जनवरी (वार्ता) केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को त्रिपुरा में 365 करोड़ रुपये की आठ महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में सड़क कनेक्टिविटी, पर्यटन, ऊर्जा और जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास को नई गति मिलेगी। इस अवसर पर श्री सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘अष्टलक्ष्मी’ विज़न के अंतर्गत पूर्वोत्तर भारत अब केवल भौगोलिक सीमांत नहीं, बल्कि भारत के विकास इंजन की भूमिका निभा रहा है।

श्री सिंधिया ने इस अवसर पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र-राज्य समन्वय के कारण त्रिपुरा सामाजिक,आर्थिक और अधोसंरचनात्मक विकास में नए मानदंड स्थापित कर रहा है।

श्री सिंधिया ने 270 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुई 5 परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इनमें प्रमुख रूप से जतनबाड़ी–मंदिरघाट वाया तीर्थमुख मार्ग (13.775 किमी), एरारपार से अंबासा तक केए रोड का उन्नयन (28.90 किमी) का कार्य शामिल है। इन सड़कों के निर्माण से गाँवों, बाजारों, स्कूलों और अस्पतालों के बीच आवागमन सरल होगा तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

इसके अतिरिक्त गंडाचेरा–रैश्याबाड़ी–नारिकेल कुंजा मार्ग (8.00 किमी) के माध्यम से जनजातीय बस्तियों को जिला मुख्यालयों और आवश्यक सेवाओं से जोड़ा गया है, जिससे सामाजिक समावेशन और सुविधा में उल्लेखनीय सुधार होगा।

श्री सिंधिया ने कहा कि अमरपुर (फातिकसागर) से छबीमुरा तक बेहतर जुड़ाव से त्रिपुरा की विरासत और पर्यटन क्षमता को नया विस्तार मिलेगा। इससे पर्यटकों को प्राचीन शिल्पकला और प्राकृतिक धरोहर देखने का अवसर मिलेगा और स्थानीय गाइडों, कारीगरों व परिवारों की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि पीएम-डेवाइन योजना के अंतर्गत सोलर माइक्रो ग्रिड परियोजना दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वच्छ एवं भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराएगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और आजीविका के अवसर सुदृढ़ होंगे।

श्री सिंधिया ने 95 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली तीन परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। इनमें कोवाईफुंग (पंजीराई) से कारबुक मार्ग (9.10 किमी), जाम्पुई (पीएमजीएसवाई प्वाइंट) से कांग्राई मार्ग और बुरीघाट से सेरमुन-द्वितीय मार्ग शामिल हैं। इन परियोजनाओं से पहाड़ी एवं आंतरिक क्षेत्रों की निरंतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी और दूरस्थ अंचल विकास की मुख्यधारा से जुड़े रहेंगे।

श्री सिंधिया ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा पूर्वोत्तर क्षेत्र में 6.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। प्रत्येक केंद्रीय मंत्रालय अपने बजट का 10 प्रतिशत पूर्वोत्तर राज्यों में व्यय कर रहा है, जिससे यह क्षेत्र अभूतपूर्व विकास के पथ पर अग्रसर है।

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