भोपाल: वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने गुरुवार को मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार पर नगरीय विकास में भारी विफलता, व्यापक भ्रष्टाचार और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के ध्वस्त होने के गंभीर आरोप लगाए। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में संयुक्त पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह और अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल को “दिशाहीन और खतरनाक” करार दिया।
जयवर्धन सिंह ने कहा कि नगर निकायों को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर किया गया, विकास परियोजनाएं ठप पड़ी हैं और रोजगार के अवसर छीने गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार शहरों के लिए अद्यतन मास्टर प्लान तक तैयार नहीं कर सकी, जिसके चलते भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहर भी अव्यवस्था का शिकार हैं। उन्होंने सुभाष नगर फ्लाईओवर के 90 डिग्री खतरनाक मोड़, रायसेन में बार-बार पुल ढहने की घटनाओं और मेट्रो परियोजनाओं की खामियों को “जानलेवा भ्रष्टाचार और खराब इंजीनियरिंग” का उदाहरण बताया।
विक्रांत भूरिया ने स्वास्थ्य संकट पर चिंता जताते हुए सतना में बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाए जाने के मामले का उल्लेख किया। उन्होंने इसे “आपराधिक लापरवाही” बताते हुए कहा कि कमजोर स्क्रीनिंग, देरी से जानकारी देने और निगरानी तंत्र की विफलता ने गरीब परिवारों को आजीवन बीमारी और सामाजिक संकट में धकेल दिया है।कांग्रेस नेताओं ने दोषी अधिकारियों के निलंबन, आपराधिक कार्रवाई, पीड़ित बच्चों को मुआवजा व जीवनभर मुफ्त इलाज, दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने, अतिरिक्त खर्च की वसूली और स्वतंत्र जांच की मांग की।
