इंदौर: महू, चोरल, मानपुर के जंगलों में आज सुबह से बाघ गणना शुरू इंदौर. वन विभाग की चारों फॉरेस्ट रेंज में आज अलसुबह से बाघ गणना शुरू हो चुकी है. सूरज निकलने के पहले ही वन्यकर्मी और अधिकारी जंगलों में घुस चुके हैं. गणना के पहले चारों रेंज में अब तक 200 से ज्यादा कैमरे लगाए जा चुके हैं. हर 4 साल में होने वाली बाघ गणना आज से शुरू हो गई है. यह बाघ गणना शुरू होने के पहले वन विभाग ने दो दिन तक मॉक ड्रिल मतलब अभ्यास किया.
दो दिनों में मांसाहारी-शाकाहारी वन्यजीवों को मौजूदगी सम्बन्धित साक्ष्य तलाशे गए. डीएफओ प्रदिप मिश्रा ने बताया कि इस बार मॉक ड्रिल के दौरान 30 बीट में बाघ के पदचिन्ह देखे गए. नाइट विजन कैमरे लगाए जो गणना के बाद भी लगे रहेंगे वन विभाग द्वारा मॉक ड्रिल के दौरान ही उन फारेस्ट रेंज में नाइट विजन कैमरे लगवाना शुरू कर दिए थे, जहां वन्यजीवों की मौजूदगी ज्यादा है.
डीएफओ के अनुसार अभी तक वन सीमा को 100 ग्रिड में विभाजित करते हुए हर ग्रिड में 2 कैमरे लगाए गए हैं. चोरल, महू, देवास, बड़वाह से जुड़ी वन सीमा में अब तक 200 से ज्यादा कैमरे लगाए जा चुके हैं. जरूरत के हिसाब से कैमरों की संख्या बढ़ाई जा सकती है. कैमरे लगाने की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रवीण मीणा के अनुसार, गणना के दौरान जहां-जहां वन्यजीवों के पदचिन्ह मिलेंगे, वहां भी कैमरे लगाए जाएंगे। सम्भवतः 50 कैमरे और लगाना पड़ेंगे. इंदौर वन विभाग के जंगल की सीमा 700 वर्ग किलोमोटर है. इसमें 102 बीट हैं. इन्ही बीट में 1.4 × 1.4 की मतलब लगभग 2 वर्ग किलोमीटर की ग्रिड बनाई है. इन्ही 100 ग्रिड में मतलब 200 कैमरे लगाए है.
