जबलपुर:एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना (केवल सी एंड टी) को त्वरित गति प्रदान करने के उद्देश्य से निगमायुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जबलपुर क्लस्टर से जुड़े 14 नगरीय निकायों जिसमें बरेला, भेड़ाघाट, चीचली, गाडरवारा, गोटेगांव, करेली, कटंगी, मझोली, नरसिंहपुर, पनागर, पाटन, साईंखेड़ा, सालीचौका, शाहपुरा एवं तेंदूखेड़ा आदि के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य फोकस परियोजना के लिए बनाए गए क्लस्टर मॉडल को प्रभावी और परिणाममूलक बनाना रहा।
इस दौरान निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने सभी उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक और कुशल निपटान सुनिश्चित हो सके। बैठक में नगर निगम के अपर आयुक्त देवेन्द्र सिंह चौहान के साथ-साथ स्वच्छता सेल के सहायक नोडल अधिकारी अभिनव मिश्रा भी उपस्थित रहे।
निगमायुक्त ने बताई समाधान की प्रक्रिया
समन्वय बैठक में निगमायुक्त ने विशेष रूप से सभी सी.एम.ओ. (मुख्य नगर पालिका अधिकारी) से अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यान्वयन में आ रही चुनौतियों और अन्य बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा की। निगमायुक्त ने मौके पर ही कई समस्याओं के त्वरित समाधान की प्रक्रिया बताई और अंतर-निकाय सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया।
इस दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरे के पृथक्करण और क्लस्टर सुविधा तक इसके सुचारु परिवहन को सुनिश्चित करें, ताकि पूरा क्लस्टर स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त कर सके। बैठक के समापन पर निगमायुक्त ने सभी निकायों से पूर्ण सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की और कहा कि जबलपुर क्लस्टर मॉडल को पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल के तौर पर स्थापित किया जाना चाहिए।
