इंदौर:नकली नोटों के नेटवर्क के खिलाफ क्राइम ब्रांच की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही, जिसके तहत फरार चल रहे एक और आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से बड़ी संख्या में नकली नोट और प्रिंटिंग उपकरण जब्त किए हैं. अब तक इस गिरोह से बरामद नकली नोटों की राशि करीब दो लाख रुपए के आसपास पहुंच चुकी है.
एडीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर शहर में अवैध गतिविधियों में शामिल अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, इसी के तहत पिछले दिनों गुटकेश्वर महादेव मंदिर के पास, सदर बाजार रोड से नकली नोटों के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था.
पूछताछ और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने इस प्रकरण में एक और आरोपी की भूमिका पता चली थी, जिसमें पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बाणगंगा क्षेत्र में रहने वाले आरोपी अंकित बुरासी को गिरफ्तार किया है. आरोपी के कब्जे से करीब 45 नकली 500-500 रुपए के नोट, जिनकी कीमत 22 हजार 500 रुपए बताई गई है, एक प्रिंटर और नोट छापने से संबंधित सामग्री जब्त की गई.
जब्त माल की कीमत डेढ़ लाख रुपए आंकी गई है. जांच में सामने आया है कि इस गिरोह द्वारा अलग-अलग सीरीज में नकली नोट तैयार किए जा रहे थे. मामले में एडीसीपी का कहना है कि आरोपी अंकित पर पूर्व में भी एक आपराधिक प्रकरण दर्ज है. प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने सोशल मीडिया, विशेषकर इंस्टाग्राम पर देखी गई रील्स से प्रभावित होकर कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के लालच में यह अपराध किया.
वे सस्ते दामों पर नकली नोट खरीदकर शहर में खपाने की योजना बना रहे थे. इस प्रकरण में पहले भी ऋषिकेश तोण्डे, वंश केथवास, रितेश नागर और अकुंश यादव, सभी निवासी इंदौर, को गिरफ्तार किया जा चुका है. आरोपी अंकित के खिलाफ थाना अपराध शाखा में तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित संपर्कों और नकली नोटों की सप्लाई चेन की भी गहन जांच कर रही है.
