इंदौर: अपहरण और फिरौती के सनसनीखेज मामले में तीन माह से फरार चल रहा आरोपी अभिषेक वर्मा आखिरकार पलासिया पुलिस के हत्थे चढ़ गया. आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस को प्लान ‘ए’ और ‘बी’ दोनों पर एक साथ काम करना पड़ा. आखिरकार पुलिस ने अभिषेक को मोती तबेला क्षेत्र से दबोच लिया. आरोपी के खिलाफ करीब साढ़े तीन माह पहले युवक को अगवा कर रकम वसूली की कोशिश करने का मामला दर्ज हुआ था.
फरियादी रितिक विश्वकर्मा निवासी कृष्णबाग कॉलोनी, खजराना ने 30 जून को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह गीता भवन क्षेत्र में आइसक्रीम फैक्ट्री नाम से रेस्त्रां संचालित करता है. रितिक ने बताया कि उसका दोस्त अक्षि्मत शुक्ला, अभिषेक वर्मा, सौरभ, आयुष मंडल और सूरज सोलंकी से मिला था. इन लोगों ने आपसी लेन-देन के विवाद में अक्षि्मत और उसके दोस्त कृष को जबरदस्ती अपनी कार में बैठा लिया और रुपए लौटाने का दबाव बनाया. फरियादी के अनुसार अभिषेक और उसके साथियों ने पहले उन्हें फायर ब्रिगेड स्टेशन के पास एक फ्लैट में ले जाकर राघव नामक युवक को बंधक बनाया और मारपीट की.
इसके बाद आरोपियों ने ऑनलाइन 28 हजार रुपए मंगवाए. रकम पहुंचने के बाद भी आरोपी नहीं माने और फरियादी रितिक व उसके साथी उज्ज्वल को कार में बैठाकर महू की ओर भाग गए. रास्ते में उन्होंने दोनों से 1.20 लाख रुपए और मंगाने की धमकी दी. रितिक ने मौके का फायदा उठाकर अपने भाई को लोकेशन भेज दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची. पुलिस को देखकर आरोपी कार से फरार हो गए, जबकि रितिक किसी तरह भाग निकला. इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस ने अभिषेक वर्मा सहित अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी. घटना के बाद से आरोपी अभिषेक फरार चल रहा था.
फरार आरोपी की तलाश कर रही पुलिस
उसकी तलाश में डीसीपी राजेश व्यास और एडीसीपी रामस्नेही मिश्रा के निर्देश पर एसीपी सयोगितागंज तुषार सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह रधुवंशी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई. टीम ने तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से 32 वर्षीय अभिषेक वर्मा निवासी मोती तबेला को गिरफ्तार कर लिया. टीम अब अन्य फरार आरोपी आयुष मंडल की तलाश में जुटी है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही शेष आरोपियों को भी हिरासत में लिया जाएगा
