इंदौर: औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों के सुदृढ़ पालन और दुर्घटनाओं की रोकथाम को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर कार्यालय में सोमवार को कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में जोनल सेफ्टी काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले के औद्योगिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने हेतु कई अहम निर्देश जारी किए गए.
बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने निर्देश दिये कि सभी औद्योगिक इकाइयों को 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से सुरक्षा ऑडिट कराना होगा. सुरक्षा मानकों एवं मापदंडों का पालन न करने वाली इकाइयों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के लिए संयुक्त दल गठित किए जाएंगे, जो सभी इकाइयों का फील्ड इंस्पेक्शन कर सुरक्षा उपायों का परीक्षण करेंगे. घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए रिस्पांस दल भी बनाए जाएंगे. जिले की सभी औद्योगिक इकाइयों के लिए सुरक्षा संबंधी मार्गदर्शक निर्देश जारी किए जा रहे हैं, जिनका पालन अनिवार्य होगा.
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के सभी खतरनाक कारखानों का निरीक्षण विशेष दल बनाकर किया जाएगा, ताकि सुरक्षा प्रावधानों का वास्तविक मूल्यांकन हो सके. साथ ही उन्होंने कहा कि कारखानों में सुरक्षा संबंधी जानकारी और मानकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे कर्मचारियों और प्रबंधन को सुरक्षा नियमों के प्रति और अधिक जागरूक किया जा सके. बैठक में अपर कलेक्टर रोशन राय, उप संचालक औद्योगिक सुरक्षा हर्ष चतुर्वेदी, जिला प्रशासन के अधिकारी, औद्योगिक सुरक्षा अधिकारी, नगर निगम की फायर टीम के अधिकारी तथा मेजर हैज़र्ड श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों के संचालक उपस्थित रहे.
वैधानिक कार्रवाई की जाएगी
कलेक्टर ने चेतावनी देते हुए कहा कि जहाँ सुरक्षा उपायों में कमी पाई जाएगी, वहाँ कारखानों को सुधार के लिए समय दिया जाएगा. निर्धारित समय-सीमा में कमियां दूर न करने पर संबंधित कारखानों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. कलेक्टर ने बताया कि औद्योगिक इकाइयों के लिए ट्रेनिंग और मॉकड्रिल की योजना भी है. औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर एक सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए अवेयरनेस और ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर कर्मचारी को सुरक्षा प्रोटोकॉल की पूरी जानकारी हो. जिले की सभी औद्योगिक इकाइयों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी.
