
मनासा। ग्राम मोकड़ी खड़ावदा निवासी दिव्यांग किसान घनसिंह राजपूत की खेत में सिंचाई के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। यह हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही से हुई मौत है। हैरानी की बात यह है कि पिछले एक माह में यह दूसरी घटना है, फिर भी विद्युत विभाग की नींद नहीं टूटी। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत विभाग की लापरवाही अब जानलेवा बन चुकी है। असुरक्षित तार, जर्जर पोल और बिना अर्थिंग की व्यवस्था खेतों को मौत के जाल में बदल रही है।
घटना के बाद आक्रोशित किसानों व ग्रामीणों ने मुआवजा, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और स्थायी समाधान की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में ब्लॉक अध्यक्ष सुरेंद्र श्याम सोनी, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मनीष पोरवाल, जनपद सदस्य घीसालाल जाट, रोहित सिंह बन्ना सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
मौके पर पहुंचीं एसडीएम किरण अंजना ने उचित मुआवजा एवं कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त किया गया।
सीधे एवं कड़े सवाल
खेतों में फैली खुली विद्युत लाइनें और करंट किसकी जिम्मेदारी हैं
बार-बार शिकायतों के बावजूद लाइन सुधार क्यों नहीं किया गया
क्या इस मौत के लिए किसी अभियंता या अधिकारी पर एफआईआर होगी
क्या मृतक का परिवार केवल आश्वासन पर ही छोड़ दिया जाएगा
क्या विभाग तीसरी मौत का इंतजार कर रहा है
सवाल जस के तस है कि क्या वाकई में किसी अधिकारी पर कोई कार्रवाई होगी या अन्य मामलों की तरह यह फाईल भी दबा दी जाएगी
