जबलपुर: जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न किसान संगठनों एवं किसानों द्वारा की जा रही मांग को देखते हुए धान उपार्जन केन्द्रों की तौल क्षमता बढ़ाने के संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश जिले के सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को दिये हैं।कलेक्टर कार्यालय की खाद्य शाखा के प्रभारी अधिकारी एवं संयुक्त कलेक्टर ऋषभ जैन ने बताया कि राज्य शासन द्वारा धान उपार्जन नीति के क्रियान्वयन हेतु जारी मानक प्रक्रिया के अनुसार उपार्जन केन्द्र पर चार तौल कांटे रखे जाना अनिवार्य है।
एसओपी के मुताबिक जिले के प्रत्येक खरीदी केन्द्र पर न्यूनतम चार तौल कांटे दर्ज हैं। पोर्टल पर स्लॉट बुकिंग में खरीदी केन्द्रों की तौल क्षमता 1500 क्विंटल प्रदर्शित हो रही है। संयुक्त कलेक्टर ने किसान संगठनों एवं किसानों की मांग को देखते हुए सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को उपार्जन नीति के मार्गदर्शी सिद्धांतो का पालन करते हुए उपार्जन केन्द्र परिसर में उपज रखने की क्षमता, उपार्जन केन्द्र के आस-पास अन्य केन्द्र की दूरी, उपार्जन केन्द्र में जल भराव की स्थिति, उपार्जन केन्द्र में कवर्ड कैम्पस की उपलब्धता जैसे बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए खरीदी केन्द्रों की तौल क्षमता बढ़ाने के संबंध में प्रतिवेदन शीघ्र भेजने के निर्देश दिये हैं।
