एक बछड़ा मृत, गाय व बकरी हमले से घायल
जबलपुर: कटंगी रोड से उत्तर दिशा में 9 किलोमीटर मुरई होते हुए कोनी खुर्द ग्राम में तेंदुआ के आतंक से ग्रामीण जन दहशत में जी रहे हैं। लगभग 4 सौ की आबादी वाले इस गांव में आदिवासी लोगों की बहुसंख्या है जो बकरी पालन पर निर्भर है। इस क्षेत्र में पिछले 15 दिन से तेंदुआ की हलचल चल रही थी लेकिन अब वह खूंखार बनकर मवेशियों पर प्राणघातक हमले करने लगा है जिससे गांव एवं आस पास के क्षेत्र में भय व्याप्त है।
गत गुरुवार को गाय पर एवं शुक्रवार को बकरी पर हमला कर भाग गया।इसके अलावा शनिवार को पास में जंगली वृक्षों के बीच एक बछड़े पर हमला कर दिया जिससे बछड़े की मौत हो गई।और भाग गया। उपरोक्त जानकारी देते हुए कोनी खुर्द, खिरवा, लुहारी में लगातार तेंदुए की गतिविधियां ग्रामीणों ने देखी है। ग्राम के छोटे लाल गौड, टिक्कू सहगौड, प्रकाश शिवहरे, बसोरी लाल ने बताया कि गांव के लोग तेंदुए से डर डरकर जी रहे हैं, उसका कब हमला हो जाए।
इन्होंने बताया कि कोनी खुर्द में दादा मृगनन्नाथ गौ शाला भी है जिसमें गायों को पालकर सेवा की जाती है। यहीं पर पिछले चार दिन से तेंदुआ इर्द गिर्द घूम कर बड़े हमले की फिराक में है, एक गाय पर हमला कर घायल कर चुका है। गांव वालों ने प्रशासन से तेंदुआ पकड़ने के लिए अविलंब जाल बिछाने एवं पिंजरा लगाने की मांग की है।
