
जबलपुर। रिश्तों को तार-तार कर देने वाली वारदात सामने आई है। माढ़ोताल में संपत्ति और मां की पेंशन हड़पने के इरादे से पिचकारी-इंजेक्शन के जरिए खाने से लेकर भाई के ऊपर जहर का छिडक़ाव किया था। मामले में देर रात पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत पीडि़त के बड़े भाई उसकी पत्नी, साले के साथ प्रकरण दर्ज कर लिया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सम्यक बौध्द उर्फ रवि कुमार चौधरी 46 वर्ष पिता स्व. देवीदयाल चौधरी निवासी शंकर नगर, वार्ड नं. 73, करमेता का मां श्रीमति दोजा बाई 80 वर्ष के साथ रहता है। सम्यक बोद्ध का बड़ा भाई भोला प्रसाद चौधरी है। जिसकी पत्नी श्रीमति रूबी उर्फ गौरा चौधरी 47 वर्ष है जो साथ में रहते है। भोला का साला अमित लडिय़ा है। जिन्होंने रवि से 12 जून 2024 को घर में घुसकर एक लाख रूपए की मांग की थी। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी थी। मना करने पर कुल्हाड़ी लेकर घर के गेट पर जान से मारने की बात कहकर धमकाया गया था। 12 एवं 13, 14 सितम्बर 2025 को जहरीले पदार्थ का छिडकाव किया जिससे कीट नाशक की दुर्गंध आने आने पर रवि ने फेंक दिया था।
सीसीटीव्ही कैमरे में कैद है घटनाक्रम
पीडि़त रवि के मुताबिक अलग अलग दिनांक 12 सितम्बर 2025 को रात्रि 2 बजे, 13 को दोपहर करीब 12:30 बजे 14 को करीब रात्रि 03:30 मिनट सुबह 4.30 तक व दोपहर 1 बजे 2 बजे तक 16 सितम्बर को 02.36 मिनट से 2.38 बजकर 2 मिनट तक उसके ऊपर सोते समय जहरीले पदार्थ का पिचकारी व इंजेक्शन से छिडक़ाव कर हत्या करने के इरादे से किया गया। इसके अलावा घर के रसोई में रखे हुये भोजन व पेयजल एवं सभी सामग्री एवं कपड़े में छिडक़ाव कर दिया था। घटनाक्रम सीसीटीवी फुटेज कैमरे में कैद है।
एसपी से लेकर थाने में शिकायत, कार्रवाई नहीं
पीडि़त के मुताबिक उसने मामले की शिकायत थाने में की थी लेकिन पुलिस ने जांच पड़ताल नहीं की। 14 सितम्बर को ऑनलाइन एफआईआर करवाई और पुन: आवेदन थाना प्रभारी को दिया गया। इसके बावजूद कोई कार्यवाही नहीं की गई। 27 सितम्बर को पुलिस अधीक्षक को शिकायत की। 17 दिन व्यतीत हो जाने के बाद भी कार्यवाही नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय में परिवाद दायर किया था। कोर्ट आदेश पर पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी पड़ी।
लोन गबन भी किया-
सूत्रों के मुताबिक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के एजेंट व अन्य के साथ आरोपियों ने मिलकर लोन गबन भी किया है। जिसकी भी जांच चल रही है। देवीदयाल ने सन् 1993 में 1228 वर्गफुट का आवासीय प्लाट ए.पी.आर. कालोनी मौजा करमेता में खरीद कर अपने पुत्र भोला को दिया हुआ था। जिसे बंधक रख दिया था।
