नयी दिल्ली 10 दिसंबर (वार्ता) गृहमंत्री अमित शाह के लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा का जवाब के दौरान उनके और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच तीखी बहस हुई।
श्री शाह के भाषण के बीच श्री गांधी ने कहा कि हिंदुस्तान के इतिहास में पहली बार निर्णय लिया गया कि चुनाव आयुक्त को पूरी इम्युनिटी दी गयी। हरियाणा में 19 लाख फर्जी मतदाता का सबूत दिया है। श्री गांधी ने श्री शाह से कहा , “मैं आपको चुनौती देता हूँ हूं कि आप मेरी वोट चोरी की तीनों प्रेस कॉन्फ्रेंस पर चर्चा करें।” इस पर श्री शाह ने कहा , “मैं 30 साल से विधानसभा और लोकसभा से चुनकर आ रहा हूं। मुझे संसदीय प्रणाली का लंबा अनुभव है। विपक्ष के नेता कहते हैं कि पहले मेरी बात का जवाब आप दीजिए। मैं बताना चाहता हूं कि आपके हिसाब से संसद नहीं चलेगी। मेरे बोलने का क्रम मैं तय मैं करूंगा।”
श्री शाह ने कहा कि नेता विपक्ष को धैर्य रखना चाहिए मेरा जवाब सुनने का। एक-एक बात का जवाब दिया जाएगा, पर मेरे भाषण का क्रम वो तय नहीं कर सकते। ये मैं तय करूंगा कि कैसे जवाब देना है। मैं सभी जवाब दूंगा। मेरे भाषण का क्रम मैं तय करूंगा, नेता प्रतिपक्ष नहीं। मैं उनके उकसावे में नहीं आऊंगा”
इस पर श्री गांधी ने कहा कि श्री शाह के जवाब डरे और घबराहट वाले है। श्री शाह ने कहा,, “मैं उनके माथे पर चिंता की लकीरें साफ देख रहा हूं कि क्या बोलूंगा। उनके उकसावे में नहीं आऊंगा, अपने क्रम से बोलूंगा।”
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा ” सोनिया गांधी ने उस चुनाव में वोट तक नहीं दिया था। भ्रामक बयान दिए जा रहे हैं। मैं इसे चुनौती देता हूं कि क्या आप इसे सिद्ध कर सकते हैं।”
