जबलपुर: साहब…मैंने अतिक्रमण प्रभारी से प्रताड़ित होकर जहर खाया था। मामले की शिकायत थाने में भी की थी लेकिन दो माह बीत गए हैं पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।शिकायतकर्ता पी. रामाराव 35 वर्ष पिता लक्ष्मैया निवासी सर्वोदय नगर रानीताल ने बताया कि वे नगर निगम में अतिक्रमण विभाग में दल प्रभारी के रूप में पदस्थ था अतिक्रमण विभाग के अतिक्रमण प्रभारी मनीष तरसे द्वारा उसे पद पर बनाये रखने के नाम पर 1,20,000 की डिमांड किया था जिसे न देने पर पद से हटाने की धमकी दी जाने लगी थी। मजबूर होकर में मनीष तड़से की बात को मान गया ।
26 अगस्त 2025 को मनीष तड़से से फोन पर बात हुई एवं उसकी रिकोर्डिंग भी है तो मनीष तड़से के द्वारा कहा गया कि मैं विकास कुशवाहा का नम्बर दे रहा हूँ उस पर ट्रांसफर कर दो एवं उस समय 1,00,000 रूपये विकास कुशवाहा के खाते ट्रांसफर कर दिया गया था। मनीष तड़से के द्वारा शेष रकम देने के लिये दबाव डाल कर धमकाया जा रहा था। जिस पर रूपये न होने के कारण में मानसिक रूप से परेशान हो गया था और डिपरेशन में चला गया था । 25 सितम्बर 2025 को मनीष तड़से से प्रताड़ित होकर जहर का सेवन कर लिया था। लगभग दो माह बीत जाने के बावजूद भी पुलिस के द्वारा मनीष तड़से के पर मुझे प्रताड़ित करने एवं जहर खाने के लिये मजबूर करने की धारा के तहत अपराधिक पंजीबद्ध नहीं किया गया है जिसके लिये में कई बार लार्डगंज थाने जा चुका हूँ लेकिन पुलिस के द्वारा मेरी शिकायत पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही है।
द्वेषवश मेरे खिलाफ शिकायत, साक्ष्य पेश करूंगा
वहीं मनीष तड़से, अतिक्रमण प्रभारी, नगर निगम का कहना है कि पी. रामाराव के खिलाफ अलग-अलग जगहों से रुपए लेकर अतिक्रमण कार्रवाई को अंजाम न देने की शिकायत सामने आ रही थी जिस कारण इसे कई दिनों पहले अतिक्रमण शाखा से हटा दिया गया था। अतिक्रमण से हटाकर इसे नाला गैंग में भेजा गया है। द्वेषवश मेरे खिलाफ जो शिकायत की जा रही हैं। जरूरत पड़ने पर मैं तमाम साक्ष्य सभी के सामने पेश कर सकता हूं।
