उज्जैन: कुंभ मेले में आए साधु संतों के पड़ाव स्थल तक जाने के लिए एक और उपयोगी फोरलेन पुल का निर्माण किया जा रहा है. मोक्षदायिनी मां शिप्रा नदी के ऊपर श्मशान घाट के समीप इस ब्रिज का निर्माण शुरू हो गया है.उक्त ब्रिज वीर दुर्गादास जी की छत्री से लेकर गोंसा गांव तक निर्मित किया जाएगा, इसके समीप ही एक फोर लाइन सड़क भी बनाई जा रही है जो बड़नगर रोड से मंगलनाथ, काल भैरव होती हुई नागदा रोड से कनेक्ट होगी. इस ब्रिज को 15 जुलाई 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है. कार्य के पूरे होने के बाद तीन वर्ष तक परफॉर्मेंस गारंटी रहेगी.
भिंड की कंपनी करेगी काम
सेतु निगम के कार्यपालन यंत्र पीएस पंत ने बताया कि पुल निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है. यह काम भिंड की वनखंडेश्वर कंपनी को सौंपा गया है, जो पुल का निर्माण करेगी.
16 मीटर चौड़ाई, 150 मीटर लंबाई
भोपाल में आयोजित सिंहस्थ पर्यवेक्षक समिति ने इस प्रस्तावित पुल को मंजूरी दे दी है. योजना के अनुसार पुल 16 मीटर चौड़ा और लगभग 150 मीटर लंबा बनाया जाएगा. पुल के समीप ही एक फोरलेन सड़क भी बनाई जा रही है, जो बड़नगर रोड को नागदा रोड से जोड़ेगी. ब्रिज निर्माण की लगभग लागत 15 करोड़ रुपए है.
मुख्य कड़ी होगी साबित
इस सड़क और पुल के तैयार होने से सिंहस्थ-2028 के दौरान न केवल श्रद्धालुओं को सुगम यातायात मिलेगा, बल्कि शहर के लिए स्थायी ट्रैफिक समाधान भी तैयार होगा. उज्जैन का यह नया सेतु व फोरलेन सड़क आने वाले समय में मेला क्षेत्र की मुख्य कड़ी साबित होगी.
पुल के आगे हो रहा चौड़ीकरण
कोयला फाटक गाड़ी अड्डे से लेकर के केडी गेट और उसके आगे बड़े पुल तक मकान दुकान हटाकर सड़क निर्माण के लिए जो चौड़ीकरण कार्य चल रहा है वो इसी ब्रिज के समीप खत्म होगा और फोर लाइन पुल व सड़क बनने के बाद सभी आगन्तुक इसी ब्रिज से होकर गंतव्य की ओर जा सकेंगे.
