इंदौर: परिवहन विभाग की अनदेखी के चलते शहर की सड़कों पर नियम विरुद्ध हूटर और बत्ती लगाकर निजी गाड़ियां खुलेआम दौड़ रही हैं. इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. इसी को लेकर हाईकोर्ट में दायर की गई एक जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई. कोर्ट ने परिवहन विभाग की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए परिवहन उपायुक्त को व्यक्तिगत तौर पर कोर्ट में पेश होकर जवाब देने के निर्देश दिए हैं.
निजी वाहनों पर हूटर और बत्ती के दुरुपयोग के खिलाफ दायर इस जनहित याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में प्रशासनिक जज की खंडपीठ में सुनवाई हुई. मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने परिवहन विभाग से यह बताने को कहा था कि शहर में चल रही ऐसी गाड़ियों पर कार्रवाई के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं, लेकिन शासन के वकील बिना किसी हलफनामे के कोर्ट पहुंचे, जिस पर खंडपीठ ने नाराजगी जताई.
अगली सुनवाई में उपायुक्त को जवाब देने का निर्देश
मामले के याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मनीष यादव ने दलील दी कि शहर में बड़ी संख्या में निजी गाड़ियां वीआईपी मूवमेंट के दौरान हूटर बजाती हुई निकलती हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर विभाग सिर्फ इक्का-दुक्का मामलों का हवाला दे रहा है. इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए अब परिवहन विभाग के उपायुक्त को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर विस्तृत जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं.
