इंदौर: जन सुविधाओं के लिए बन रहे कई पुलों के निर्माण में देरी, खराब गुणवत्ता और इंजीनियरिंग खामियों के कारण नागरिकों को में कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. नए पुलों के निर्माण के दौरान पुराने पुलों को तोडऩे या यातायात मोडऩे (डाइवर्जन) के कारण लोगों को लंबे समय तक यातायात जाम और असुविधा का सामना करना पड़ता है. जो परियोजनाएं जनसुविधा के लिए शुरू की जा रही हैं, वे लोगों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन जाती हैं.
ऐसा ही एक और मामला आईटी पार्क चौराहा पर सामने आया है. यहां किए जा रहे ब्रिज निर्माण के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या से वाहन चालक व आम नागरिक परेशान हो रहे हैं. इस चौराहे से कई बड़े क्षेत्र जुड़े हैं, जिसमें मूसाखेड़ी, पालदा, भंवर कुआं, सिंधी कॉलोनी, राजीव गांधी चौराहा और आसपास की कई विकसित कालोनियां जुड़ी हुई हैं. लिंबोदी और शिवधाम जैसी कालोनियां भी इससे लगी हुई हैं.
इतना ही नहीं चौराहे पर ही प्रदेश का सबसे बड़ा आईटी पार्क कार्यालय स्थित है. इस चौराहे से खंडवा-बुरहानपुर हाइवे भी जुड़ा हुआ है. ऐसे में इस चौराहे पर सुबह से लेकर रात तक बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है. इन्हीं के बीच भारी वाहन भी गुजरते हैं, क्योंकि यह चौराहा रिंग रोड कनेक्टिविटी का एक बड़ा हिस्सा है. पिछले कुछ समय से इस चौराहे पर ब्रिज निर्माण का कार्य चल रहा है, लेकिन कार्य इतना गतिहीन है कि लोगों की मुसीबतें और बढ़ गई हैं. ऊबड़-खाबड़ सडक¸, दिशा परिवर्तन (डायवर्जन) मार्ग और यातायात विभाग की अव्यवस्थाओं के चलते इस चौराहे को आसानी से पार नहीं किया जा सकता.
इनका कहना है
इतना समय निकलने के बाद भी अभी तक इस पुल के सिर्फ पिलर ही खड़े किए गए हैं, इस तरह से कार्य गतिहीन रहेगा तो आने वाले कई महीनों तक ब्रिज कार्य पूरा नहीं हो पाएगा और लोग इसी तरह जाम की समस्या से जूझते रहेंगे.
– बब्बू सिंधु
घड़ी की सुई से भी ज्यादा गतिहीन कार्य चल रहा है. पूरे दिन चौराहे पर जाम लगता रहता है, लोग परेशान होते रहते हैं. इतना ही नहीं, एंबुलेंस भी कई बार लंबी कतार में फंस जाती हैं.
– संजय अरोड़ा
हाल ही में हुई ट्रक दुर्घटनाओं को देखते हुए हमारे संगठन द्वारा भारी वाहन चालकों को यातायात और जनता का ध्यान दिलाते हुए जागरूक किया जाता है, ताकि कोई अप्रिय घटना ना हो.
– मनदीप सिंह, चेयरमैन, मप्र ट्रांसपोर्ट महासंघ
