
दुर्गापुर। भारतीय जनता पार्टी के नव-नियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए रवींद्रनाथ टैगोर के नोबेल पुरस्कार को लेकर गलत जानकारी दे दी। 28 जनवरी को आयोजित इस रैली में नितिन नबीन ने कहा कि टैगोर को नई शिक्षा प्रणाली शुरू करने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार मिला था, जबकि वास्तविकता यह है कि रवींद्रनाथ टैगोर को वर्ष 1913 में उनकी काव्य रचना गीतांजलि के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला था।
नितिन नबीन को इसी साल 20 जनवरी को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया था और यह उनकी बंगाल में प्रमुख सार्वजनिक सभाओं में से एक थी। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रिया तेज हो गई। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत सहित कई विपक्षी नेताओं ने इस गलती को तुरंत उजागर किया और भाजपा पर बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को न समझने का आरोप लगाया।
विपक्षी नेताओं ने कहा कि आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले इस तरह की टिप्पणी भाजपा की राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक समझ पर सवाल खड़े करती है। वहीं, इस पूरे मामले पर अब तक भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या बयान जारी नहीं किया गया है।
