इंदौर:खजराना में कल आगजनी के बाद प्रशासन ने आज कार्रवाई की. किसी भी दुर्घटना के बाद ही प्रशासन क्यों जागता है? इसके पहले भी कई ऐसी घटनाएं प्रदेश और शहर में घटित हो चुकी है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण है हरदा पटाखा फैक्ट्री में लगी आग, जिसके बाद पर प्रदेश में आगजनी को लेकर सावधानी की बात की जाने लगी. बड़ी-बड़ी मुहिम और तमाम सारे बिल्डिंगों और सड़कों से लेकर आज लगने वाली वस्तुओं के गोडाउन की जांच शुरू की गई. प्रशासन पड़ताल में लग गया.
सवाल यह है कि प्रशासन स्वयं कह रहा है कि इवेंट में काम आने वाले पायरो के लिए बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ है. बरामद विस्फोटक का अवैध भंडारण किया गया था. आखिर इसकी निगरानी और जांच करने की जिम्मेदारी किसकी है? पुलिस की क्राइम ब्रांच, स्पेशल ब्रांच, सीआईडी, इंटेलिजेंस ब्यूरो किस काम के लिए है? नाम से ही खजराना संवेदनशील क्षेत्र है. उस पर खजराना गणेश में रोज हजारों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की अनदेखी नहीं है क्या यह?
कलेक्टर शिवम वर्मा खुद कह रहे हैं कि यदि विस्फोटक तक आग पहुंच जाती तो कई किलोमीटर तक इसका प्रभाव देखने को मिलता. इससे समझा जा सकता है कि अप्रत्यक्ष तौर पर हरदा वाली घटना का अंदेशा जताया है. आखिर प्रशासन नींद से किसी दुर्घटना के बाद क्यों जताता है कि कारवाई की जाएगी। ट्रक द्वारा कुचलने के के बाद नो इंट्री पर रोक लगी. दुर्घटना के बाद बसों की जांच होने लगी. जवाहर मार्ग पर बिल्डिंग गिरने पर खतरनाक मकान तोड़ने की मुहिम चलाई जाती है. फूटी कोठी क्षेत्र में आग लगने पर टनों से अवैध एसिड का भंडारण की जब्ती की गई.
शिकायत पर नहीं देते ध्यान
ऐसा नहीं है कि इस अवैध भंडारण और गतिविधियों को लेकर क्षेत्रीय रहवासी और लोग शिकायत नहीं करते हैं. उनकी शिकायत पर ध्यान क्षेत्रीय पुलिस थाने, नगर निगम और प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया जाता है, बल्कि मिलीभगत और सांठगांठ के चलते ऐसी शिकायत को अनदेखी और अनसुना कर दिया जाता है. इसका जिम्मेदार कौन?
सिस्टम का सवालों के घेरे में आना स्वाभाविक
रहवासी इलाकों में इस तरह की अवैध गतिविधियां बिना पुलिस, नगर निगम, प्रशासन एवं अन्य संबंधित विभागों की सेटिंग के संचालित होना संभव नहीं है. सारे गोपनीय सिस्टम और एजेंसियां सवालों के घेरे में आना स्वाभाविक है. इसके पीछे सीधे या परदे के पीछे किसी न किसी रसूखदार और नेता की भी भूमिका रहती है. खैर, आज खजराना गणेश मंदिर क्षेत्र बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद कर लेने से बच गया और बड़ी घटना का दाग शहर को लगने से रह गया.
