
ब्यावरा। नगर में घरेलू उपभोक्ताओं के घरों में स्मॉट मीटर लगाने का काम विद्युत विभाग द्वारा विगत दिवस शुरु किया गया था किंतु इसका यह कहते हुए विरोध शुरु हो गया था कि स्मॉर्ट मीटर से तेजी के साथ यूनिट बनने से अधिक भारी भरकम राशि के बिल आएंगे. इसको लेकर स्मॉर्ट मीटर का विरोध होने पर फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं के यहां स्मॉर्ट मीटर लगाने का कार्य रोक दिया गया. अब विद्युत विभाग द्वारा अपने ही कर्मचारियों के यहां स्मॉर्ट मीटर लगाने का कार्य किया जा रहा है.
विदित है कि विद्युत विभाग द्वारा नगर में घरेलू उपभोक्ताओं के यहां पर स्मॉर्ट मीटर लगाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया था. शहीद कॉलोनी में अनेक उपभोक्ताओं के यहां स्मॉर्ट मीटर लगा दिए गये. परन्तु स्मॉर्ट मीटर से तेजी के साथ यूनिट बनकर अधिक राशि का बिल आएगा आदि अन्य प्रकार के संशय को लेकर स्मॉर्ट मीटर लगाने का विरोध शुरु हो गया. ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा लगाए जा रहे स्मॉर्ट मीटर लगाने का जोरशोर से विरोध शुरु हो गया इसके बाद विभाग द्वारा घरेली उपभोक्ताओं के यहां फिलहाल स्मॉर्ट मीटर लगाने का कार्य रोक दिया गया. अब विभाग द्वारा अपने ही विभाग के कर्मचारियों के यहां स्मॉर्ट मीटर लगाने का निर्णय लिया गया है.
सकारात्मक संदेश देना चाहता है विभाग
विरोध के बाद अब अपने ही विभाग के कर्मचारियों के यहां स्मॉर्ट मीटर लगाने का कार्य विद्युत विभाग के द्वारा किया जा रहा है. इसके पीछे विभाग द्वारा यह संदेश देना है कि स्मॉर्ट मीटर किसी भी प्रकार से नुकसानदायक नहीं है. विभाग द्वारा ब्यावरा शहरी क्षेत्र में पदस्थ अपने लगभग 125 अधिकारयों, कर्मचारियों, आउट सोर्स कर्मचारियों के यहां पर स्मॉर्ट मीटर लगाने का कार्य शुरु कर दिया गया है.
अन्य कर्मचारियों के यहां भी लगेंगे स्मॉर्ट मीटर
विद्युत विभाग के अनुसार अपने विभाग के कर्मचारियों के बाद अन्य शासकीय विभागों के कर्मचारियों, कमर्शियल कनेक्शनधारियों के यहां पर स्मॉर्ट मीटर लगाए जाएंगे.
विरोध कर दिया था आवेदन
29 नवम्बर को शहीद कॉलोनी में जब स्मार्ट मीटर लगाने ठेकेदार कर्मचारी पहुंचे तो लोगों ने बिना उपभोक्ताओं की अनुमति के जोर जबर्दस्ती, मनमाने तरीके से स्मार्ट मीटर लगाने का आरोप लगाते हुए मीटर लगाने का विरोध किया. सिटी पुलिस थाने पहुंचकर आवेदन देते हुए कहा था कि उपभोक्ताओं के बगैर अनुमति के ठेकेदार के कर्मचारी स्मार्ट मीटर लगा रहे है. जिस रोका जाये.
गौरतलब है कि स्मार्ट मीटर को लेकर प्रारंभ से ही विरोधाभाष की स्थिति रही है. कई जगहों पर स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध हुआ. स्मार्ट मीटर को लेकर यह बात सामने आती रही है कि स्मार्ट मीटर तेजी के साथ यूनिट बनाते है, इससे उपभोक्ताओं को भारी भरकम राशि के बिल आ रहे है, जिससे लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा. कहा जा रहा है कि विद्युत विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर को लेकर किसी प्रकार की जानकारी उपभोक्ताओं को नहीं दी जा रही है. वर्तमान मीटर ठीकठाक काम कर रहे है तो फिर स्मार्ट मीटर लगाने की क्या आवश्यकता आन पड़ी है, यह भी जनचर्चा में है.
