महाकाल मंदिर सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव

उज्जैन: महाकाल मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत एवं आधुनिक बनाने के लिए जारी किया गया सुरक्षा एजेंसी चयन का टेंडर खुल गया, दिल्ली की कोर सिक्योरिटी कंपनी को सुरक्षा का जिम्मा मिला है.वर्तमान में महाराष्ट्र की क्रिस्टल कंपनी महाकाल मंदिर में सिक्योरिटी एजेंसी के तौर पर कार्य कर रही थी. लंबे समय से उक्त कम्पनी में कार्यरत सुरक्षा कर्मचारियों की शिकायते मंदिर समिति को प्राप्त हो रही थी. ऐसे में कंपनी को बदलने की कवायद 2 माह पूर्व शुरू की गई और नई सुरक्षा कंपनी के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए थे.

सात कंपनियों में से तीन बाहर
नवभारत ने पहले ही प्रमुखता से प्रकाशित किया था कि महाकाल मंदिर में सुरक्षा जिम्मा संभालने के लिए कुल 7 कंपनियों ने भाग लिया है. अब 3 कंपनियां तकनीकी परीक्षण में बाहर हो गईं. महाकाल मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है. आने वाले सिंहस्थ 2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा एजेंसी बदलने और व्यवस्था को और प्रभावी बनाने को लेकर इसे प्रशासन ने बड़ा और आवश्यक कदम माना है.

लॉटरी के माध्यम से मिला कोर को मौका
नवभारत से चर्चा में महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि टेक्निकल जांच के बाद 4 कंपनियां फाइनेंशियल ओपनिंग तक पहुंचीं, विशेष बात यह रही कि चारों कंपनियों के रेट और कंडीशंस लगभग एक जैसी थीं. इस स्थिति में नियमों के अनुसार चारों कंपनियों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में लॉटरी ड्रॉ किया गया, जिसमें दिल्ली की कंपनी कोर सिक्योरिटी लिमिटेड का नाम चयनित हुआ.

1000 गार्ड्स संभालेंगे महाकाल मंदिर की सुरक्षा
कोर सिक्योरिटी लिमिटेड अब महाकाल मंदिर परिसर में लगभग 1000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती करेगी. इसमें शामिल होंगे, महाकाल मन्दिर, महाकाल लोक, अन्य सहायक मंदिर, काल भैरव मंदिर, मंगलनाथ मंदिर व परिसर के विभिन्न महत्वपूर्ण पॉइंट शामिल रहेंगे.

क्रिस्टल का हिसाब किताब करेंगे
वर्तमान में सुरक्षा का कार्य देख रही महाराष्ट्र की क्रिस्टल कंपनी अब आदेश जारी होने के बाद सुरक्षा कार्य से बाहर हो जाएगी. साथ ही सुरक्षा कर्मचारियों का जो बकाया वेतन क्रिस्टल को देना है और कंपनी को जो महाकाल मंदिर से राशि प्राप्त करना है उस सब का हिसाब किताब जल्द किया जाएगा.

दस्तावेज़ परीक्षण और प्रेजेंटेशन
टेंडर खुलने के बाद अब अगला चरण शुरू होगा, जिसमें कंपनी के दस्तावेजों की जांच, सुरक्षा प्लान और कार्यप्रणाली का प्रेजेंटेशन इसके बाद उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह की स्वीकृति व अनुमोदन के पश्चात आगे की प्रक्रिया पूरी करते हुए औपचारिक रूप से कंपनी को कार्यादेश जारी किया जाएगा.

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